


बैंक ऑफ बड़ौदा ने 'बैंक ऑफ बड़ौदा राष्ट्रभाषा सम्मान' नाम से अवॉर्ड की शुरुआत की गई है। इस सम्मान की शुरुआत भारतीय भाषाओं में साहित्यिक लेखन कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए की गई है। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजीव चड्ढा ने एक विशेष सत्र में इसकी घोषणा की। इस अवसर पर बैंक के कार्यपालक निदेशक अजय के. खुराना भी उपस्थित थे।
यह पुरस्कार मूल रूप से क्षेत्रीय भाषाओं में लिखे गए चयनित उपन्यास के मूल लेखक और इसके अनुवादक, दोनों को ही प्रदान किया जाएगा। इसके तहत हर साल सम्मानित उपन्यास के मूल लेखक को 21 लाख और उस कृति के अनुवादक को 15 लाख और अन्य पांच चयनित कृतियों के लिए प्रत्येक मूल लेखक को 3 लाख व अनुवादक को 2 लाख रुपए पुरस्कार में दिए जाएंगे। अजय के. खुराना ने कहा कि यह बैंक के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। हम इस सम्मान की शुरुआत कर भारतीय भाषा, साहित्य और अनुवाद तीनों क्षेत्रों के लिए अहम योगदान देने वाले हैं। इस अवसर पर बुकर पुरस्कार से सम्मानित बहुचर्चित लेखिका गीतांजलि श्री सहित देश-विदेश के साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।