


जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में मुगल टेंट बनाने के विवाद पर भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। सबसे पहले प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने इसका इसका विरोध किया था और मांग की थी कि किसका नाम बदला जाए। इसके बादभाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि अच्छा होता मुगल टेंट का नाम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर होता। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि मुगल की जगह महाराणा प्रताप का नाम भी लिखा जा सकता था।
जेएलएफ के संयोजक संजॉय रॉय ने विवाद कहा कि यह नाम डिग्गी पैलेस से चला आ रहा है। इसके बाद कुछ लोग कहेंगे कि दरबार हॉल का नाम भी बदल दिया जाए। यह फेस्टिवल 16 साल से आयोजित हो रहा है। मुगल टेंट का नाम उसके आर्किटेक्चर डिजाइन की वजह से रखा गया था। उस टेंट की डिजाइन वैसी ही रहती है। उन्होंने भाजपा नेताओं की मांग को खारिज करते हुए कहा कि यह फेस्टिवल जैसा है, वैसा ही चलेगा, इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।