Saturday, 29 August 2026

अनहद' में 14 कलाकारों के आर्टवर्क प्रदर्शनी का उद्घाटन राजीव अरोड़ा ने किया


अनहद' में 14 कलाकारों के आर्टवर्क प्रदर्शनी का उद्घाटन राजीव  अरोड़ा ने किया

जीवन के लालच, परेशानी और गतिविधियां में उलझे इंसान के मन का भ्रम और वो देखना जो मौजूद नहीं है कुछ ऐसे ही विरले दृश्य पीवीसी में देखने को मिले। कुछ ऐसा ही नजारा था आईसीए गैलरी में आयोजित सामूहिक कला प्रदर्शनी 'अनहद' का। प्रदर्शनी का उद्घाटन कार्यक्रम के लिए राजसिको अध्यक्ष और राजस्थान निर्यात संवर्धन परिषद के चेयरमैन राजीव अरोड़ा ने उद्घाटन किया।

एग्जीबिशन में 14 कलाकारों में विख्यात विद्यासागर उपाध्याय, विनय शर्मा, मीनू श्रीवास्तव, गौरीशंकर सोनी, मदन मीना, अंकित पटेल, अशोक गौड़, शाहिद परवेज़, अब्बास बाटलीवाला, मनीष शर्मा, पंकज गहलोत, सुनीत घिलडियाल, श्वेत गोयल, ललित शर्मा ने अपनी रंगों, कल्पनाओं, हस्तकलाओं का नमूना पेश किया। रंग-रेखाओं में आकार का निराकार 'अनहद' प्रदर्शनी 10 फरवरी तक सुबह 11 से 8 बजे तक चलेगी।

विद्यासागर उपाध्याय की कलाकृतियों में जीवन से जुड़ी भागम-भाग, टूटन-बिखराव पर फिर से जुड़ने जैसे भावों को रंगों की गहराई से उकेरा है। शाहिद परवेज की कलाकृतियों में बचपन और उससे जुड़े खिलौने केन्द्र में है। 'लकड़ी की काठी' श्रृंखला में रंग-टेक्स्चर और चाक्षुस दृश्यों में बचपन से जुड़ी संवेदनाओं का स्वर है। अशोक गौड़ का मूर्तिशिल्प सौंदर्य 'गया' शृंखला में सिरजे मूर्तिशिल्प में पिण्डदान से मोक्ष की जीवन गति को सांगोपांग व्यंजित किया गया है। पाषाण में टैक्सचर उभारते उन्होंने कार्विंग के जरिए अध्यात्म और योग की हमारी परम्परा को नूतन स्वर दिए हैं।

विनय शर्मा की कलाकृतियां और इन्स्टालेशन मन को मथने वाले है। उनके संस्थापन में भारतीय संस्कृति से जुड़ी विचार विरासत दिखाई पड़ती है, अतीत से जुड़ी, पुरानी, बल्कि जल्दी से भुला दी जा रही वस्तुओं का विरल उपयोग उन्होंने 'रिदमिक पास्ट' इन्स्टॉलेशन में प्रस्तुत किया गया है। अब्बास बाटलीवाला की कलाकारी में 'मैं हां तूं', 'शैडो' कलाकृतियों में मोलेला टेराकोटा की भारतीय परम्परा का जैसे आधुनिक दृष्टि से पुनः आविष्कार किया गया है।




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