


भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए दलाल के जरिए 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में एसओजी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिव्या मित्तल को सोमवार को गिरफ्तार किया है। एसीबी ने दिव्या मित्तल को रिश्वत मादक पदार्थो की तस्करी के मामले में गिरफ्तार नहीं करने की एवज में मांगी जा रही थी।
इससे पहले घर की तलाशी ली गई। मित्तल पर एनडीपीएस (नशे की तस्करी) के मामले में दलाल के जरिए डरा धमका कर रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी राजस्थान में कुल 5 जगह कार्रवाई कर रही है।
जयपुर एसीबी के एडिशनल एसपी बजरंग सिंह ने बताया कि एसीबी मुख्यालय जयपुर में पिछले दिनों एक केस दर्ज हुआ। इसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि निर्दोष होते हुए उसका नाम नहीं रखने की एवज में दो करोड़ की रिश्वत मांग कर परेशान किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि दिव्या मित्तल के लिए पहली किस्त के तौर पर 25 लाख रुपए दलाल को देने गया था। जो शक होने के कारण फरार हो गया था। इधर, एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ने के लिए ट्रैप का इंतजाम भी कर लिया था, लेकिन फेल हो गया।
एसीबी को घूस की डिमांड की बात सही होने की जानकारी मिली तो कोर्ट के आदेश से सर्च वारंट जारी करवाया। दिव्या मित्तल के सभी ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अजमेर में जयपुर रोड पर स्थित एआरजी सोसायटी में दिव्या के फ्लैट में खुद दिव्या के सामने सर्च कार्रवाई को अंजाम दिया। अजमेर के अलावा जयपुर, उदयपुर और झुंझुनूं में 5 जगहों पर छापा चल रहा है।
एसीबी के एडीजी दिनेश शर्मा ने बताया कि 4 जनवरी को शिकायतकर्ता उनके पास आया था। उसने बताया था कि हरिद्वार में दवा बनाने की एक कंपनी है। उससे दलाल के जरिए 2 करोड़ की रिश्वत की डिमांड की गई थी। एसीबी ने इस संबंध में अपनी यूनिट को तैयार कर लिया।
उल्लेखनीय है कि 12 जनवरी को एडिशनल एसपी बजरंग सिंह शेखावत ट्रैप की कार्रवाई करने के लिए जयपुर से रवाना हुए। इस दौरान शिकायतकर्ता एडिशनल एसपी के पास पहुंचा। इस दौरान एडिशनल एसपी 50 लाख में राजी हो गई। 25 लाख काम से पहले और 25 लाख काम के बाद देने की बात तय हुई। आरोपी दलाल ने उस दौरान पैसा नहीं लिया। इस पर डिप्टी एसपी मांगीलाल को इस मामले की जांच दी गई। मांगीलाल ने कोर्ट से इस संबंध में सर्च करने की परमिशन मांगी। सर्च की कार्रवाई रविवार को ही शुरू कर दी गई है। अब महिला एडिशनल एसपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू हो गई है।