


सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती पेपर लीक मामले के मुख्य सरगना भूपेंद्र सारण के घर से जयपुर विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया। जेडीए को तीन दिन में 30 घंटे से अधिक समय इसको ढहाने में लगा। रविवार को मकान की तीसरी, चौथी मंजिल और पीछे के सेटबैक से अवैध निर्माण को हटाया गया।
जेडीए सतर्कता समिति के मुखिया रघुवीर सैनी ने बताया कि भूपेंद्र सारण के रजनी विहार स्थित सी 67 पर अवैध निर्माण को हटा दिया है। इस मकान के दोनों तरफ तीन मंजिला बड़े मकान बने हुए हैं। उनका भी ध्यान रखते हुए ऑपरेशन किया हैं। जेडीए की कार्रवाई में 10 लोकंडा (कटिंग और ड्रिलिंग) मशीन, 6 हैमर मशीन,1 गैस कटर और 15 से अधिक मजदूरों लगे । सैनी ने बताया कि इस कार्रवाई से पड़ोसियों को कोई नुकसान नहीं होने दिया । अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शनिवार शाम को पूरी हो गई। जेडीए की ट्रिब्यूनल कोर्ट में 13 जनवरी को इस मामले पर सुनवाई पूरी हुई थी। ट्रिब्यूनल ने अपना फैसला जेडीए के पक्ष में दिया था। जेडीए को अवैध हिस्सा तोड़ने और अप्रूव्ड हिस्सा सेफ रखने के लिए कहा गया था। ट्रिब्यूनल ने भूपेंद्र सारण की याचिका को खारिज करते हुए आदेश दिए थे। सारण के अधिवक्ता ने कोर्ट में स्वीकार किया कि उसने अवैध निर्माण किया है। जेडीए ने भी 4 पेज का जवाब पेश किया था। इसमें कहा था ये साधारण अवैध निर्माण का मामला नहीं है। हजारों बेरोजगारों के भविष्य और उनकी भावनाओं का मामला है। जेडीए ने 10 जनवरी को भूपेंद्र सारण और उसके भाई गोपाल सारण के अजमेर रोड रजनी विहार स्थित मकान पर नोटिस जारी करते हुए 12 जनवरी तक अपना जवाब पेश करने के लिए कहा था। सारण के अधिवक्ताने 12 जनवरी को कोर्ट में बताया था कि उन्होंने 11 जनवरी की शाम को जवाब पेश करते हुए अपने स्तर पर निर्माण हटाने की बात कही थी।जेडीए सतर्कता विंग के मुखिया रघुवीर सैनी ने कहा कि 12 जनवरी शाम 5 बजे तक उनके या उनकी टीम के पास कोई लिखित में जवाब पेश नहीं किया गया था। इसके चलते ही मकान मालिकों को लीगल नोटिस जारी करके शाम 5 बजे तक मकान खाली करने के लिए कहा गया था।