


राजस्थान में एक बार फिर से जिले और संभाग नए बनाए जाने की प्रबल संभावना बन रही है। ऐसा माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बजट सत्र में तीन नए संभाग सीकर, बाड़मेर और चित्तौड़गढ़ और 7 नए जिले नीमकाथाना, भिवाड़ी, सुजानगढ़, फलोदी, बालोतरा, ब्यावर और कुचामन बनाने की घोषणा कर सकते हैं। अगर प्रदेश में 3 नए संभाग बनाए जाते हैं तो उनकी संरचना में निम्न जिलों को शामिल किया जा सकता है।
जयपुर संभाग में जयपुर, दौसा, अलवर, भिवाडी, सीकर संभाग में सीकर, झुन्झुनू, चूरू, नीम का थाना, बीकानेर संभाग में बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ, सुजानगढ ,जोधपुर संभाग में जोधपुर, पाली, नागौर, फलौदी,बाङमेर संभाग में बाडमेर, जैसलमेर, जालौर, बालोतरा अजमेर संभाग में अजमेर, टोंक, ब्यावर, कुचामन सिटी, चितौडगढ संभाग में चितौडगढ, प्रतापगढ, बांसवाडा,भीलवाडा,उदयपुर संभाग में उदयपुर, डूंगरपुर, राजसमन्द,सिरोही,कोटा संभाग में कोटा, बून्दी, झालावाङ, बारां, भरतपुर संभाग में भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर,करौली जिले शामिल किए जा सकते हैं।
नए जिलों के लिए नेताओं में सक्रियता बढ़ गई है उनकी कोशिश है कि वह अपने क्षेत्र को नया संभाग या जिला घोषित करा दें जिससे कि उन्हें वर्ष 2023 के चुनाव को जीतने में आसानी हो सके। सीएम गहलोत के सामने चुनौती है कि वे किस विधायक को और नेताओं को खुश करें और किसको नाराज इसी बात को लेकर अब इस बात को लेकर चिंतन बंद होना शुरू हो गया है। सीएम गहलोत अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए कुछ ऐसे फैसले करना चाहते हैं जिससे कि उन्हें भविष्य की राजनीति में भी याद किया जा सके। सीएम गहलोत के समक्ष फैसला चुनौतीपूर्ण है मगर लंबे अरसे के बाद प्रदेश में नए संभाग और जिले बनाए जाने की घोषणा हो सकती है ।
उल्लेखनीय है कि नए जिले और संभाग बनाए जाने को लेकर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राम लुभाया की अध्यक्षता में कमेटी बनाई हुई है। यह कमेटी सीएम गहलोत के अनुरूप अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी उसी आधार पर सीएम गहलोत ने संभाग और जिले बजट में घोषित करेंगे।