Saturday, 29 August 2026

पीठासीन अधिकारियों का सम्‍मेलन एक ऐसा मंच है जिसमें संवाद होता है और अनुभव साझा होते हैं: ओम बिरला


पीठासीन अधिकारियों का सम्‍मेलन एक ऐसा मंच है जिसमें संवाद होता है और अनुभव साझा होते हैं: ओम बिरला

लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला ने कहा कि पीठासीन अधिकारियों का सम्‍मेलन एक ऐसा मंच है जिसमें संवाद होता है और अनुभव साझा होते हैं ताकि बदलते परिप्रेक्ष्‍य में विधानमंडलों की भूमिका अधिक कारगर हो सके। बिरला ने कहा कि 75 साल की लोकतांत्रिक यात्रा में विधानमंडल प्रभावी हुए हैं, मगर हमें मंथन करना है कि लोकतांत्रिक भारत की अवधारणा, विचारधारा और कार्यशैली से हम लोगों के जीवन में कैसे बदलाव ला सकते हैं।

गुरुवार को जयपुर में ऑल इंडिया स्पीकर कॉन्फ्रेंस में अध्यक्षता करते हुए ओम बिरला ने कहा कि दुनिया भारत को देख रही है। देश में होने वाले आगामी जी-20 सम्‍मेलन में हमें हमारे लोकतंत्र के बदलाव को दुनिया के सामने रखने का मौका मिलेगा। उन्‍होंने कहा कि हमारी जिम्‍मेदारी है कि हम जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरें और उनके अभावों के समाधान का रास्‍ता निकालें। संविधान निर्माताओं की मंशा के अनुरूप कानून बनाएं और इस प्रक्रिया में जन भागीदारी बढ़ाएं।

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि विधानमंडलों में चर्चा का स्‍तर ऊंचा होना चाहिए। कानून बनाने की प्रक्रिया में संवाद, उच्‍च कोटि की चर्चा और समीक्षा के लिए अधिक समय देने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान समय में सूचना प्रौद्यागिकी का महत्‍व बढ़ गया है। देश की जनता विधायी कार्यवाही देखती है। उनके मन पर अच्‍छा प्रभाव पड़े तथा लोकतांत्रिक व्‍यवस्‍था में विश्‍वास बढ़े यह हमारी सबसे बड़ी जिम्‍मेदारी है। आने वाले समय में देश के सभी विधानमंडलों की कार्यवाही एक ही मंच पर देखी जा सकेंगी। इसके लिए डिजिटल संसद का मंच 2023 में जनता को समर्पित करने की उम्‍मीद है।

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने पीठासीन अधिकारियों के सम्‍मेलन से उम्‍मीद जतायी कि विधायी संस्‍थाओं में जनता का विश्‍वास बढ़ाने के लिए ऐसे सम्‍मेलन एक नई दिशा देंगे और इनमें होने वाली चर्चा का सार्थक परिणाम निकलेगा।

 



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