Saturday, 29 August 2026

राजस्थान विश्वविद्यालय का दीक्षान्त समारोह : मौलिक स्थापनाओं से जुड़ी शोध संस्कृति विकसित किए जाने की जरूरत : कलराज मिश्र


 राजस्थान विश्वविद्यालय का दीक्षान्त समारोह : मौलिक स्थापनाओं से जुड़ी शोध संस्कृति विकसित किए जाने की जरूरत : कलराज मिश्र

राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र ने कहा है कि विश्वविद्यालयों में मौलिक स्थापनाओं को दिशा देने वाली शोध संस्कृति विकसित किए जाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्राचीन ज्ञान के साथ वैश्विक स्तर पर हो रहे शोध एवं अनुसंधान से प्रत्यक्ष जुड़ने के अवसर मिलने चाहिए।

राज्यपाल मिश्र रविवार को राजस्थान विश्वविद्यालय के कन्वेंशन सेंटर में विश्वविद्यालय के  77 वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित 32 वें दीक्षान्त समारोह में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर राजस्थान विश्वविद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय भवन के सामने स्थित उद्यान में शिला पट्टिका का अनावरण कर संविधान उद्यान का शिलान्यास किया।

राज्यपाल मिश्र ने कहा कि देश की नई शिक्षा नीति पूरी तरह से विद्यार्थी केन्द्रित है। इसमें शिक्षा के साथ- साथ विद्यार्थियों के चारित्रिक निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के अंतर्गत ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जाने का आह्वान किया जिससे विद्यार्थी विषय के साथ आस-पास के परिवेश के प्रति भी जागरूक बनें। 


राज्यपाल मिश्र ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि विश्वविद्यालय के दो वैज्ञानिक शिक्षकों प्रो. आरसी महरोत्रा एवं प्रो. आई.पी. जैन को अमेरिका की प्रसिद्ध स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा एक अध्ययन के आधार पर शीर्ष भारतीय वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने प्रो. पी.जे. जॉन को अमेरिका की सोसाइटी ऑफ टॉक्सिकॉलोजी की 61 वीं वार्षिक बैठक में ग्लोबल सीनीयर रिसर्च स्कॉलर एक्सचेंज प्रोग्राम अवार्ड से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गांव गोद लेने की पहल के अंतर्गत चौमूं के निकट टाटियावास गांव में करवाए गए विकास कार्यों की सराहना की।

दीक्षान्त समारोह के अवसर पर 395 विद्यार्थियों को पीएच.डी की उपाधियां तथा विभिन्न परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए  गए।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव जैन ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक गतिविधियों एवं विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी।

इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी गोविन्द राम जायसवाल, विश्वविद्यालय कुल सचिव श्रीमती नीलिमा तक्षक, सिंडिकेट, सीनेट, शैक्षणिक परिषद् के सदस्यगण, शिक्षकगण एवं विद्यार्थीगण प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन उपस्थित रहे।



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