


बनास नदी में लीज धारक द्धारा अवैध एवं नियमो के खिलाफ किए जा रहे बजरी खनन के विरोध में सोमवार को दर्जनों गांवों के लोग एवं महिलाएं जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। जिन्होंने एसपी मनीष त्रिपाठी को ज्ञापन दिया जिसमें अवैध बजरी खनन को रोके जाने की मांग की है।
जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे बोरदा,नया गांव,गोल डूंगरी,सरबराबाद,छावनी, पालड़ा, मूंढिया,डोडवादी आदि गांवो के सीताराम,तजुराम एवं टोंक शहर ब्लॉक कांग्रेस के महामंत्री एहसान आदि ने बताया कि बजरी लीज धारक द्धारा 1/4 बनास नदी के हिस्से से बजरी उठा रहा है जिसके निशान मौजूद है।
ज्ञापन में बताया है कि ठेकेदार द्धारा खनन लीज वाली नदी के बाहर कर रहा है जो गलत है।
ग्रामीणों ने बताया कि बजरी लीज ठेकेदार के लोगो का पुलिस से वेरिफिकेशन किया जाना चाहिए ताकि कोई गलत कार्य नही हो यदि किया जाए तो उसका पता लगाया जा सकें। बजरी ठेकेदार द्धारा जो बजरी उठाई जा रही है वह नियमो के विरुद्ध है। जिला पुलिस अधीक्षक के नाम दिए गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने लिखा है कि बनास नदी में लीज का सीमाज्ञान ग्रामवासियों की देखरेख में किया जाए साथ ही निष्पक्ष रूप किया जाए।
ग्रामीणों में ज्ञापन में साफ शब्दों में लिखा है कि बजरी ठेकेदार से ग्रामीणों को कोई प्रलोभन नही है न ही आगे भी होगा।ग्रामीणों का कहना है कि माइनिंग प्लान के मुताबिक अभी तक किसी भी गांव में बजरी लीज का सीमाज्ञान नही हुआ है।ग्रामीणों ने एसपी से मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच करके सीमाज्ञान के बाद ही बनास नदी में लीज धारक को बजरी खनन की अनुमति दी जाए उसके पहले कोई बजरी खनन के लिए मशीन चालू नही की जाए।
जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय ग्रामीणों के पहुंचने की इतला मिलते ही कोतवाली पुलिस थानाधिकारी जितेंद्र सिंह,पुरानी टोंक पुलिस थानाधिकारी उदयवीर सिंह व बृजेश सहित पुलिस बल भी वहां पहुंच गया।