


अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की 23 दिसंबर को दिल्ली में हुई आयोजित बैठक में राजस्थान के सत्ता और संगठन को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका। इस बैठक के अलावा राजस्थान के मसले को लेकर कोई अलग से बैठक भी आयोजित नहीं की गई। ऐसा माना जा रहा है कि अब कांग्रेस में अब नेतृत्व पर निर्णय फरवरी में छत्तीसगढ़ में होने वाले अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन तक टल सकता है ! इस अधिवेशन में कांग्रेस से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। यह माना जा रहा है कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस की नई वर्किंग कमेटी इसी अधिवेशन में बनेगी। ऐसे में राजस्थान सहित जिन भी प्रदेशों में पार्टी का नेतृत्व बदलना होगा, वह भी इसके बाद ही बदला जाएगा।
फरवरी के तीसरे सप्ताह में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन होगा। इसमें पार्टी से जुड़े कई महत्वपूर्ण और नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे। नया कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला अधिवेशन है। ऐसे में अधिवेशन में उन राज्यों पर भी प्रमुखता से फोकस होगा जहां 2023 में चुनाव होने हैं। राजस्थान में 2020 में हुई बगावत के बाद से प्रदेश की पूरी कार्यकारिणी भंग कर दी गई। प्रदेश स्तर पर कुछ नियुक्तियां और कुछ जिलों में जिलाध्यक्ष बाद में नियुक्त हुए थे। मगर 31 जिलाध्यक्षों सहित 400 ब्लॉक अध्यक्ष और पूरी कार्यकारिणी अब भी तय होनी शेष है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव जब हुए तो कहा गया कि नाम तय कर चुनाव प्राधिकरण को भेज दिए गए हैं। मगर राजस्थान में राजनीतिक संकट के चलते ये नाम अबतक घोषित नहीं हो पाए। राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले एआईसीसी सदस्य चुने जाएंगे। उसके बाद अगर चुनाव होता है तो ये सभी सदस्य मिलकर अधिवेशन के दौरान कांग्रेस वर्किंग कमेटी के 12 सदस्यों का चुनाव करेंगे। इसके बाद 11 आमंत्रित सदस्य चुने जाएंगे। इसी के बाद एआईसीसी के महासचिव, सचिव, प्रदेश प्रभारी सहित पूरी बॉडी चैंज होगी। नया अखिल भारतीय कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद फिलहाल कांग्रेस ने 42 लोगों की स्टीयरिंग कमेटी बनाई हुई है।