


शेखावाटी के प्रसिद्ध संत और भजन सम्राट लक्ष्मणगढ़ के बऊधाम आश्रम पीठाधीश्वर रतिनाथजी महाराज का शुक्रवार को देवलोकगमन हो गया। उन्होंने सुबह करीब 9 बजे मुंबई में अंतिम सांस ली। जिसकी सूचना के साथ ही पूरे शेखावाटी में शोक की लहर दौड़ गई। 80 वर्षीय संत परलोकगमन पर हर कोई भावभीना नजर आया। उनकी पार्थिव देह हवाई जहाज से जयपुर लाई गई है। जो देर रात तक बऊ धाम पहुंची। शनिवार को अंतिम दर्शनों के बाद बऊधाम में ही उनका समाधि कार्यक्रम होगा। आवेश के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा इस कार्यक्रम में होंगे शामिल और श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
रतिनाथ महाराज का जन्म झुंझुनू जिले के मण्डावा गांव में ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वे बचपन में ही वे फतेहपुर के नाथ आश्रम में आ गए थे। कुछ साल झुंझुनूं के टांई नाथ आश्रम में रहकर वे लक्ष्मणगढ़ के बऊं धाम में नवानाथजी महाराज के शिष्यत्व में आ गए थे। सरलता के साथ वे अपने भजन गायकी के लिए प्रसिद्ध थे। जिनके देशभर में हजारों शिष्य थे।
रतिनाथ महाराज के सम्मान में शनिवार को सीकर शहर, फतेहपुर व लक्ष्मणगढ़ सहित झुंझुनूं के मंडावा व नवलगढ़ सरीखे कई कस्बे बंद रहेंगे। बंद पूरी तरह स्वैच्छिक रखा गया है। जिसके लिए रैवासा पीठाधीश्वर राघवाचार्य महाराज सहित कई संतो ने आह्वान किया है।