Saturday, 29 August 2026

कन्हैया लाल हत्याकांड में एनआईए ने कोर्ट में किया चालान पेश, रियाज मोहम्मद गौस सहित 11 बनाए आरोपी, 3 जनवरी को होगी सुनवाई


कन्हैया लाल हत्याकांड में एनआईए ने कोर्ट में किया चालान पेश, रियाज मोहम्मद गौस सहित 11 बनाए आरोपी, 3 जनवरी को होगी सुनवाई

उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड में पाकिस्तान कनेक्शन की आशंका सही साबित हुई है। हत्याकांड के 177 दिन बाद गुरुवार को एनआईए ने स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। इस पूरे मामले को आतंकी मॉड्यूल माना गया है। बताया गया है कि देशभर में डर फैलाने के लिए हत्या की गई। इसीलिए वीडियो भी बनाया गया। मुख्य आरोपी रियाज और गौस मोहम्मद सहित11 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

आरोपी में मोहम्मद रियाज अटारी जब्बार (किशनपोल, उदयपुर),मोहम्मद गौस पुत्र रफीक मोहम्मद (किशनपोल, उदयपुर),मोहसिन खान पठान (किशनपोल, उदयपुर),आसिफ हुसैन (विजय सिंह पथिक नगर, सवीना, उदयपुर),मोहम्मद मोहसिन (विजय सिंह पथिक नगर, सवीना, उदयपुर),वसीम अली (किशनपोल, उदयपुर),फरहाद मोहम्मद शेख (पटेल सर्कल, दीवान शाह कॉलोनी, उदयपुर),मोहम्मद जावेद (खेराड़ीवाड़ा, उदयपुर), मुस्लिम खान उर्फ रज़ा (गांव-परसोला, धरियावाद, प्रतापगढ़, राजस्थान) और सलमान व अब्बू अब्राहिम दोनों कराची, पाकिस्तान के हैं को आरोपी बनाया है।

एनआईए ने अपनी इन्वेस्टिगेशन के बाद कराची में रहने वाले दो आरोपियों को जोड़ा है। अब तक ये क्लियर नहीं हो पाया है कि पाकिस्तान के दोनों आरोपियों का इस मर्डर क्या और कैसा रोल रहा है? ये दोनों युवक कई ग्रुप के एडमिन होने के साथ भड़काऊ मैसेज भेजते थे। इन्हीं ग्रुपों में ये सभी आरोपी जुडे़ हुए थे। दोनो फिलहाल एनआईए की पकड़ से दूर हैं।

एनआईए मामलों की स्पेशल कोर्ट के जज के अवकाश पर होने के चलते न्यायालय ने ऑफिस रिपोर्ट के लिए 3 जनवरी 2023 की तारीख तय की गई है। सभी आरोपियों की कोर्ट में पेशी भी नहीं हो पाई है। 3 जनवरी को ही चालान पर भी सुनवाई होगी।

जयपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश चार्जशीट में एनआईए टीम ने 11 लोगों को आरोपी बनाया है। चार्जशीट में साफ लिखा गया है कि- आरोपियों ने एक आतंकी मॉड्यूल के रूप में काम कर बदला लेने की साजिश रची थी। आरोपी कट्टरपंथी थे और भारत समेत दुनिया भर में आने वाले आपत्तिजनक ऑडियो/वीडियो/ मैसेज से प्रेरित थे। दोनों आरोपियों ने पूरे देश में खौफनाक तरीके से अंजाम देने के लिए चाकूओं और हथियारों की व्यवस्था की थी।

आरोपियों के मन में कन्हैयालाल की फेसबुक पोस्ट को लेकर आक्रोश था। कट‌्टरपंथी होने के चलते पूरे भारत में आतंक फैलाने के मकसद से आरोपियों ने हत्या का वीडियो बनाया और उसे वायरल किया। उन्होंने भारत के लोगों के बीच इस्लाम के प्रति लिखने पर डरने और आतंक फैलाने के इरादे से एक और धमकी भरा वीडियो भी शूट किया था।

इस केस में सबसे पहले 29 जून को उदयपुर के धानमंडी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद उसी दिन एनआईए ने इस केस को री-रजिस्टर्ड कर अपनी जांच शुरू की। चार्जशीट से सामने आया है कि आरोपियों एक आतंकी गिरोह-मॉड्यूल के रूप में काम कर बदला लेने की साजिश रची थी।

आरोपियों के खिलाफ आईपीसी  की धारा 120बी, 449, 302, 307, 324, 153(ए), 153(बी), 295(ए), यूए(पी) अधिनियम की धारा 16, 18 और 20 और धारा के तहत चार्जशीट में दर्ज की गई है। यही नहीं आर्म्स एक्ट के 4/25(1बी) की धारा भी लगाई गई है।

28 जून को दोपहर में मालदास स्ट्रीट इलाके में भूतमहल गली में दुकान में कन्हैयालाल साहू की रियाज और गौस मोहम्मद ने धारदार हथियार से गर्दन काट दी थी। उस दौरान कन्हैयालाल के एक साथी टेलर (कारीगर) पर जानलेवा हमला किया था। कन्हैया ने फेसबुक पर नुपूर शर्मा के समर्थन में रि-पोस्ट किया था। उसके बाद उसे धमकियां मिल रही थी। कन्हैया की सुप्रीम टेलर्स नाम से दुकान थी, जहां उसके साथ ईश्चरलाल गौड़ और राजकुमार शर्मा भी काम करते थे। फिलहाल इस केस से जुडे़ 9आरोपी अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया हैं। सभी को अलग-अलग बैरक में रखा गया है।

 



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