


कोटपूतली कस्बे में रहने वाले दंपती ने अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। इनकी कोई संतान नहीं थी। 12 दिन पहले ही पत्नी को कैंसर होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद से ही पति-पत्नी रोते रहते थे। कोई नजदीकी रिश्तेदार भी इनके पास नहीं रहता है।
गुरुवार को सराय मोहल्ला स्थित जनाना अस्पताल के सामने रहने वाले रमेश सुरेलिया और उनकी पत्नी संतोष देवी का शव उन्हीं के घर में फंदे से लटका मिला। दोनों अपने मकान में रहते थे। संतोष देवी की तबीयत कुछ महीनों से खराब थी। इलाज के बाद भी जब कोई सुधार नहीं हुआ तो 12 दिन पहले 10 दिसंबर को ही रमेश उन्हें जयपुर एसएमएस अस्पताल में दिखाने ले गए। यहां डॉक्टर्स ने बताया कि संतोष देवी को कैंसर है। कांपते हुए हाथों में रिपोर्ट थामे रमेश ने जब डॉक्टर्स से इसके इलाज के बारे में पूछा तो जवाब सुनकर उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। डॉक्टर ने बताया कि कैंसर अपने लास्ट स्टेज पर है। कुछ भी कहना मुश्किल है। दोनों कोटपूतली लौट गए। डीएसपी गौतम कुमार ने बताया कि गुरुवार सवेरे रमेश और संतोष ने घर में बने एक कमरे में फंदे से लटकर आत्महत्या कर ली। इनके घर के बाहर एक मेडिकल स्टोर है। ये स्टोर इन्हीं की दुकान में चलता है, जिसे किराए पर दिया गया है। मेडिकल स्टोर चलाने वाले रामकुमार चंदेला ने बताया कि रमेश सुरेलिया रोजाना उनके पास बाहर आकर बैठते थे। रामकुमार दंपती के लिए खाना लेकर आते थे। रमेश खाना लेकर चले जाते थे। गुरुवार सवेरे जब वे नहीं आए तो रामकुमार अंदर गए। कमरे में पति-पत्नी के शव पंखे पर फंदे से लटके हुए मिले। उन्होंने बाहर आकर लोगों को बताया। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। डीएसपी गौतम कुमार ने बताया कि कमरे में एक डायरी में लिखा सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें लिखा है कि हम जिंदगी से परेशान होकर आत्महत्या कर रहे हैं, किसी का कोई दोष नहीं है। किसी को परेशान नहीं किया जाए। सुसाइड नोट में रुपयों के लेन-देन, संपत्ति और पत्नी के कैंसर पीड़ित होने की भी बात लिखी है। डीएसपी ने बताया कि हम मामले की जांच कर रहे हैं।