


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि मैं जब राजनीति से सेवानिवृत्त हो जाऊंगा तो उस समय पॉलिटिकल क्लास लूंगा, उसमें सब स्किल और अनुभव का जिक्र होगा। सीएम गहलोत ने कहा कि ईस्टर्न कैनाल के मुद्दे को लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत राजस्थान के हैं और धोखा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं जबकि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस योजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करानी चाहिए। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और जल शक्ति मंत्री मंत्री गजेंद्र शेखावत के क्या संबंध है, वह तो वह जाने ,लेकिन ऐसे मामलों में आपस में मनमुटाव है तो भी पब्लिक उसे क्यों भुगते ? वसुंधरा की योजना शुरू की हुई थी और यह विभाग उनको बाद में मिला है, इसलिए अड़चन पैदा कर रहे होंगे।
सीएम गहलोत शनिवार को अपने सरकारी निवास पर सरकार के 4 साल पूरे होने पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा किओल्ड पेंशन स्कीम ( ओपीएस) का भार 25 साल बाद पड़ेगा। जो कर्मचारी 35 साल सरकार की सेवा करता है, उसकी सुरक्षा क्यों नहीं हो? अब जमाना सोशल सिक्योरिटी का है। विकसित देशों में सप्ताह में पैसा मिलता है। अब वक्त आ गया है पीएम मोदी , देश में सोशल सिक्योरिटी लागू कीजिए। केंद्र 200 रुपए की बुजुर्ग पेंशन देता है, 200 रुपए में क्या होता है ? पूरे देश में नीति बने और सबको कम से कम 2000 से 3000 रुपए पेंशन मिले। इसमें आधा पैसा केंद्र सरकार और आधा राज्य को देने के प्रावधान बनाए जाने चाहिए। सीएम गहलोत ने कहा कि कर्मचारियों के लिए हमने ओपीएस लागू की, इसका विरोध भी हो रहा है। नीति आयोग ने विरोध किया, वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने विरोध किया है। दुनिया के कई अर्थशास्त्री इसका विरोध कर रहे हैं। खुद पीएम मोदी ओपीएस के खिलाफ है। हमने मानवीय आधार पर ओपीएस लागू किया है। जो कर्मचारी 35 साल सरकार की सेवा में रहता है, उसे सुरक्षा का एहसास तो होना ही चाहिए। यही मानवीय आधार देखकर मैंने ओपीएस लागू की। उन्होंने कहा कि संविधान में राज्य सरकारों को यह अधिकार दे रखा है उन अधिकारों का उपयोग करते हुए ही इस योजना को लागू किया है। सीएम गहलोत ने कहा हिमाचल के भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री जय राम और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी कोशिश की कि किसी तरह से पीएम मोदी हिमाचल में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की अनुमति प्रदान कर दें लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ और वह आज चुनाव हार गए । हिमाचल के नतीजों के एक दिन बाद एनके सिंह का स्टेटमेंट आ गया इसके खिलाफ। पीएम तो इसके शुरू से खिलाफ है। सीएम गहलोत ने कहा कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल 13 जिलों की योजना है, वहां पानी का भारी संकट है। ईआरसीपी हमारे यहां के जल शक्ति मंत्री शेखावत धोखा दे रहे हैं। शेखावत राजस्थान के हैं, लेकिन वे धोखा दे रहे हैं। ईआरसीबी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं करने पर जब हमने इसका काम शुरू करने का फैसला किया तो अब कह रहे हैं, बंद कर दो। यह कहने की हिम्मत कैसे हो गई। हमने 9600 करोड़ का प्रावधान कर दिया। जब तक पीएम मोदी इसे नेशनल प्रोजेक्ट घोषित नहीं करे, तब तक काम रुके नहीं, इसलिए हमने 9600 करोड़ का प्रावधान किया। सीएम गहलोत ने कहा कि पीएम मोदी ने मनरेगा को स्मारक कहा था। वो स्मारक ही मुश्किल वक्त में काम आया और आज भी काम आ रहा है। हमने मनरेगा से आगे बढ़कर शहरी नरेगा शुरू की है, राजस्थान पहला राज्य है, जहां इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना शुरू की है। मनरेगा ने देश के जरूरतमंद लोगों की मदद करने और मुश्किल वक्त में इकोनॉमी को संभालने, परचैचिंग पावर बढ़ाने में बड़ी भूमिका अदा की है। सीएम गहलोत ने राजस्थान में चल रहे राजनीतिक गतिरोध का बड़े बखूबी से जवाब देते हुए कहा कि राजस्थान कांग्रेस में कोई विवाद है ही नहीं। हमारे बीच तो प्यार मोहब्बत की बातें होती हैं।