


केंद्र सरकार के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 17 दिसंबर को होने वाले रात्रि विश्राम के लिए जगह देने से साफ तौर पर मना कर दिया है। एनएच एआई के मना करने के बाद दौसा कांग्रेस कमेटी के समक्ष यह नई समस्या पैदा हो गई है कि आखिर नई व्यवस्था कहां की जाए।
कांग्रेस के दौसा जिलाध्यक्ष ने 17 दिसंबर को पदयात्रियों के रात्रि विश्राम के लिए ‘भांडारेज इंटरचेंज’ (दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे) पर एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से इसके लिए मंजूरी मांगी, लेकिन यह नहीं मिली। यही नहीं यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था के लिए पुलिस जाब्ता ठहराने तक के लिए एनएचएआई ने अपने यहां जगह नहीं दी।
दौसा के नांगल राजावतान एसडीएम ने एनएचएआई को पत्र लिखकर ‘भारतमाला एक्सप्रेस-वे रेस्ट एरिया तन आलूदा’ पर एनओसी मांगी थी। एनएचएआई के संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने दो टूक कहा कि यात्रा हमारे यहां नहीं रुकेगी। एनएचएआई की मंजूरी नहीं मिलने पर स्थानीय एजेंसियों ने फिलहाल विवाद को तूल देने के बजाय दूसरे विकल्प तलाश शुरू कर दिया हैं। यात्रा 14 से 19 दिसंबर तक दौसा जिले से होकर गुजरेगी। सर्वाधिक चैलेंज पदयात्रियों को सकुशल ठहराने को लेकर ही है।
एसडीएम ने थानाधिकारी के पत्र का हवाला देते हुए नांगल राजावतान के एसडीएम ने एनएचएआई को पत्र लिखा। इसमें कहा कि यात्रा का 13 से 15 दिसंबर तक थाना हाजा क्षेत्र के मीना हाईकोर्ट परिसर में ठहरने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। शांति-कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जाब्ता तैनात होगा। इसे ठहराने के लिए स्थान का अधिग्रहण करना है। इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दें। एसडीएम, नांगल राजावतान रामवतार बरनाला बोले- पुलिस जाब्ता ठहराने के लिए एनएचएआई से रेस्ट एरिया मांगा था, नहीं मिला।
कांग्रेस के दौसा जिला अध्यक्ष रामजीलाल ओड ने कहा कि जगह मांगी थी, पर नहीं मिली। फिर दूसरी जगह इंतजाम किया। एनएचएआई के परियोजना निदेशक सहीराम ने कहा कि मसला ये नहीं है कि हमने मंजूरी दी या नहीं दी। बात ये है कि हमारे यहां नहीं रुकेगी।
जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओड़ ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई को लिखा- भारत जोड़ो यात्रा 14 से 19 दिसंबर तक दौसा से होकर गुजरेगी। 17 दिसंबर को रात्रि विश्राम के लिए भांडारेज इंटरचेंज के पास की जगह उपयुक्त समझी गई है। रात्रि विश्राम व अन्य व्यवस्थाओं के लिए स्वीकृति प्रदान करें। जवाब में प्रोजेक्ट डायरेक्टर सहीराम ने इसके लिए खुद को सक्षम नहीं बताया। मुख्य महाप्रबंधन की ओर से भी कोई इजाजत नहीं मिली।