


टोंक बनास नदी में अवैध बजरी खनन मामले ने अब तूल पकड़ना शुरू कर दिया है वही अब ग्रामीण ही नही शहरी इलाकों में भी अवैध बजरी खनन के खिलाफ आवाज उठाने लगी है।
शुक्रवार को बोरदा गांव में पंचायत समिति टोंक के उपप्रधान रामकेश मीणा की अगुवाई में ग्रामीणों ने बजरी लीज होल्डर्सकर्मियो को खनन नही करने दिया।सुबह बोरदा तन बनास नदी में पुलिस बल एवं आरएसी जवानो सहित मेहंदवास पुलिस थानाधिकारी देवेंद्र सिंह एवं खनिज विभाग के अधिकारी संजय शर्मा भी पहुंच गए।जिन्होंने बनास नदी लीज क्षेत्र का सीमांकन शुरू किया लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि बनास नदी मे लीज धारक अवैध रूप से बिना लीज इलाके में बजरी उठा रहा है इतना ही नही पेयजल स्त्रोत इलाको कुंओं एवं बनास नदी पानी वाले क्षेत्रों में भी बजरी खनन किया जा रहा है।
पंचायत समिति टोंक के उपप्रधान रामकेश मीणा ने आरोप लगाया है कि बनास नदी में सीमांकन के नाम से सिर्फ विभाग कागजी खानापूर्ति करता है।उन्होंने बताया कि शनिवार को जिला कलक्ट्रेट में ग्रामीण बजरी खनन के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। वही दूसरी तरफ फूल बाग सईदाबाद के निवासियों ने शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट में पहुंच करके बनास नदी तन में बजरी लीज धारक द्धारा अवैध रूप से बजरी खनन किए जाने की शिकायत की है।
सईदाबाद निवासी सुरेंद्र,कैलाश,नाथू, राजेन्द्र,आशाराम, बाबूलाल कीर आदि ने जिला कलक्टर के नाम शिकायती पत्र में लिखा है कि जांबाज के बन्धे एवं फूलबाग में बजरी की कोई लीज नही है उसके बावजूद बजरी खनन हो रहा है।जिसकी इतला के बाद कीर समाज के लोगो ने शुक्रवार को सुबह पहुंच करके बजरी खनन में लिप्त मशीनों को बंद करा दिया गया।
ज्ञापन में लिखा है कि वहां पहुंची पुलिस ने इस मामले में कागजात मांगे तो हमने नही दिखाए जब कि इस जमीन सम्बन्धी कागजात इस ज्ञापन के साथ जिला कलक्टर को दिए गए है।उन्होंने बताया कि इस मामले में पूर्व में भी बजरी को लेकर खूनी संघर्ष हो चुका है जिसमे दो व्यक्तियों की मौत हुई थी। जिला कलक्टर के नाम शिकायती पत्र में लिखा है कि यह मामला कोर्ट में लंबित है साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि बजरी लीज धारक ने फिर से मशीनों को चालू करके बजरी खनन शुरू किया है।जांबाज का बन्धे निवासियों ने कहा है कि यदि बजरी खनन नही रोका गया तो हम उग्र प्रदर्शन करेंगे साथ ही मशीनों को नही चलने देंगे।