Saturday, 29 August 2026

चीन युद्ध की तैयारी कर रहा, सरकार सोई हुई है : राहुल गांधी


चीन युद्ध की तैयारी कर रहा, सरकार सोई हुई है : राहुल गांधी

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी कहा है कि विदेश मंत्री जयशंकर को अपनी सोच और समझ बड़ी करनी चाहिए। चीन की तैयारी युद्ध की है। सरकार इस मसले को नजरअंदाज कर रही है और इससे संबंधित जानकारियों को छुपाने की कोशिश कर रही है।उन्होंने कहा कि चीन लगातार युद्ध की तैयारी कर रहा है। सरकार सोई हुई है। हमारी सरकार चीन की तैयारी को छुपाती है। हिंदुस्तान की सरकार रणनीतिक रूप से काम नहीं करती, इवेंट बेस काम करती है। जहां जिओ पॉलिटिक्स की बात आती है, वहां इवेंट काम नहीं आते, वहां ताकत काम आती है।

भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरे होने पर जयपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि चीन ने 2 हजार स्क्वायर किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया। हिंदुस्तान के 20 जवानों को शहीद किया। वे हमारे जवानों को अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख  में पीट रहे हैं।

गुटबाजी पर राहुल गांधी ने कहा कि हमारी पार्टी में तानाशाही नहीं है। कांग्रेस में बयानबाजी और थोड़ी चर्चा होती है, जो ठीक बात है। सिर्फ राजस्थान में ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी यह चलता है। हमारा सोचना है कि ज्यादा नुकसान नहीं होना चाहिए पार्टी को, नुकसान होता है तो हम कार्रवाई करते हैं। सामान्यतया विचारधारा है कि पार्टी के लोग बोलना चाहें तो डरा कर चुप नहीं कराते।

राजस्थान में कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस के बाद अनिर्णय के सवाल पर राहुल ने कहा कि कोई अनिर्णय की हालत नहीं है। यह होता रहता है।उन्होंने कहा कि भाजपा के चुनाव जीतने के कई कारण हैं। उनके पास भारी पैसा है, वे लोगों को धमकाते हैं। हम ऐसा नहीं करते और ये संसाधन हमारे पास नहीं हैं। हमारे पास उतना पैसा नहीं है। भाजपा के सत्ता में आने का दूसरा कारण है कि वह नफरत फैलाते हैं, वे देश को बांटते हैं।

राहुल ने कहा कि  भाजपा का फंडा  स्पष्ट है इस पर। जिस दिन कांग्रेस को यह समझ आ गया कि वह क्या है, उस दिन कांग्रेस हर चुनाव जीतेगी। क्षेत्रीय पार्टी के पास देश का विजन नहीं है। क्षेत्रीय पार्टियां जाति, वर्ग, राज्य का प्रतिनिधित्व करती हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि यात्रा से मुझे व्यक्तिगत फायदा हुआ है। बहुत सीखने को मिला है। मेरी भी जनता से थाेड़ी दूरी थी, वह खत्म हो गई। जो सड़क पर दिखता है, वह चलने से जो दिखता है, वह बिल्कुल अलग होता है। जब सड़कों पर चलते हैं तो थोड़ी थकान और दर्द होता है, हम लाखों लोगों से मिलते हैं, बात करते हैं। उन्होंने कहा कि हम किसान से मिलते हैं तो वह इस बात को समझ लेता है कि यह जो व्यक्ति आया है, यह दर्द सहकर आया है, फालतू में नहीं आया। फिर वह दिमाग से नहीं दिल से बोलता है। हिंदुस्तान की जनता दिल से बोलती है तो बात अलग होती है।

कांग्रेस  नेता राहुल गांधी ने कहा कि नेताओं की जनता से एक दूरी सी पैदा हो गई है। अंहकार पैदा हो गया है। मैंने सोचा कि जनता और नेता की दूरी को खत्म करना है। यह दर्द की दूरी है। यात्रा का लक्ष्य यह भी था कि जनता के बीच के दर्द को समझा जाए। जनता का बहुत प्यार मिला है, आपको मैं समझा नहीं सकता। हमारी यात्रा राजनीति करने का दूसरा तरीका है। ये गांधीजी का तरीका है, राजस्थान में सबसे ज्यादा समर्थन मिला है।उन्होंने कहा कि गाड़ी को बैक गियर में चलाएंगे तो एक्सीडेंट होगा। देश को बैक गियर में नहीं चला सकते। देश में आज यही हो रहा है कि  भाजपा  2000 साल पहले की बात करती है, हम आगे की बात करते हैं। जो किया जाना चाहिए उसकी बात करते हैं।

ओल्ड पेंशन स्कीम पर राहुल गांधी ने कहा कि हम हर स्टेट को यह नहीं कहते कि करना ही होगा। ओपीएस लागू करने को हम स्टेट्स पर छोड़ देते हैं। उन्हें स्वतंत्रता है, वो अपनी परिस्थिति के हिसाब से फैसले करें। उन्होंने कहा कि मैं व्यक्ति इसलिए घूूम रहा है कि वह डर और नफरत मिटाना चाहता है। यह पहला व्यक्ति नहीं है जो घूम रहा है। मैं पहला और अंतिम व्यक्ति नहीं हूं। यह मेरी नहीं लोगों की यात्रा है। नफरत के खिलाफ पहले भी लोगों ने यात्राएं की हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि कन्याकुमारी से लेकर राजस्थान तक जमीन से एक बात समझ आई कि हमारे कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है, लोग कांग्रेस पार्टी से प्यार करते हैं। एमपी, महाराष्ट्र में जो  समर्थन मिला, वह शानदार  था और राजस्थान में दो-तीन योजनाओं के बारे में लोग कहते हैं। चिरंजीवी योजना के बारे में लोग कह रहे हैं कि अच्छी योजना है। शहरी मनरेगा के बारे में काफी कह रहे हैं कि इसमें छोटी-छोटी समस्याएं है।  उन्होंने कहा कि राजस्थान में लोग शिकायत भी करते हैं। यहां पानी की समस्या है। फ्लोराइड की समस्या है, यह छोटी समस्याएं हर जगह होती है।राजस्थान में विधानसभा चुनाव में चेहरे के सवाल पर राहुल ने कहा कि चुनाव का प्रेडिक्शन आप करते हो। यहां पर कार्यकर्ताओं की ताकत बेमिसाल है। लोअर लेवल के लीडर्स का अच्छी तरह प्रयोग किया तो चुनाव जीत जाएंगे।

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