Saturday, 29 August 2026

अवैध बजरी खनन का मामला संभागीय आयुक्त तक पहुंचा,कांग्रेसी जिला परिषद सदस्य घीसी देवी गुर्जर ने की शिकायत


अवैध बजरी खनन का मामला संभागीय आयुक्त तक पहुंचा,कांग्रेसी जिला परिषद सदस्य घीसी देवी गुर्जर ने की शिकायत

टोडारायसिंह इलाके के बनास नदी के किनारे वाले गांवो मे लीज होल्डर्स द्धारा अबैध बजरी खनन किए जाने का मामला गुरुवार को जनसुनवाई में कांग्रेसी जिला परिषद सदस्य घीसी देवी गुर्जर ने सम्भागीय आयुक्त भंवर लाल मेहरा के समक्ष उठाया है।

जिला परिषद सदस्य घीसी देवी गुर्जर ने सम्भागीय आयुक्त को दी गई शिकायत में लिखा है कि गांव चूली,बरवास, नया गांव,छान बाससूर्या,मोरदा,मोर भाटियान,जेथल्या, ठाटा,चंदपुरा,बनेडिया,बोतूनदा आदि गांव बनास नदी किनारे बसे हुए है।उन्होंने बताया कि इन गांवो में बजरी लीज होल्डर्स के कर्मचारियों द्धारा अवैध रूप से बिना लीज हुए ही बजरी खनन किया जा रहा है। जिला परिषद सदस्य ने सम्भागीय आयुक्त से कहा कि उन्होंने वार्ड में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की तरफ से सड़कों का निर्माण किया गया था।लेकिन बजरी के ट्रकों की आवाजाही से सड़के  गड्डो में तब्दील हो गई है।उन्होंने बताया कि बजरी के लोड को यह सड़के सहन नही कर पाती।

जिला परिषद सदस्य घीसी देवी गुर्जर ने सम्भागीय आयुक्त को पिछले दिनों बजरी के अवैध खनन किए जाने का ग्रामीणों द्धारा विरोध किए जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में यह  बिना सीमांकन बनास नदी में बजरी खनन नही किए जाने की  हिदायत के बावजूद अवैध बजरी खनन में लिप्त लोगो ने ग्रामीणों के खिलाफ झूंठा मामला दर्ज करा दिया गया।

जिला परिषद सदस्य घीसी देवी गुर्जर ने सम्भागीय आयुक्त से मांग की है कि जिले में अवैध बजरी खनन को तुरन्त प्रभाव से रोका जाए। वहीं दूसरी तरफ पंचायत समिति टोंक के उपप्रधान रामकेश मीणा की अगुवाई में ग्रामीणों ने बोरदा गांव में बजरी लीज होल्डर्सकर्मियो द्धारा कीज रहे अवैध बजरी खनन को रोकने की मांग की है।उपप्रधान के साथ पहुंची मौसमी देवी,मोत्या,मनीषा,रोशनी आदि ने जिला कलक्टर को दिए ज्ञापन में चेतावनी दी है कि यदि बजरी खनन नही रोका गया तो शुक्रवार को ग्रामीण बनास नदी में डेरा डालेंगे तथा बजरी खनन नही होने देंगे। उन्होंने बताया कि बजरी खनन से बनास नदी में खाईयां बन गई जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है इतना ही नही पेयजल स्रोत को भी नुकसान पहुंच रहा है।


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