


बनास नदी मुण्डिया में मंगलवार को अवैध बजरी खनन किए जाने से फिर बवाल मच गया। गुस्साएं ग्रामीणों ने रास्ता जाम करके बजरी के ट्रकों को रोक दिया। इतना ही नही ग्रामीणों ने बजरी खनन को रुकवा दिया। बाद में पीपलू पुलिस एसएचओ प्रह्लाद सहाय वहां पहुंचे जिन्होंने खनन को रुकवाते हुए बजरी लीज होल्डर्सकर्मियो को बिना लीज हुए इलाके में खनन नही किया जाए।
बनास नदी मुण्डिया में बजरी लीज होल्डर्सकर्मियो द्धारा मनमानी तरीके से पीपलू तहसील क्षेत्र के गांव मुण्डिया इलाके में अवैध रूप से बजरी खनन किए जाने की इतला मिली तो ग्रामीण वहां जा धमके। जिन्होंने बजरी ट्रकों का रास्ता रोक दिया और किसी को नही जाने दिया वही बजरी खनन में लिप्त जेसीबी को भी रोक दिया। ग्रामीणों के गुस्से को भांपते हुए बजरी लीज धारक कर्मियों ने पुलिस को इतला दी तो पीपलू एसएचओ वहां पहुंच करके समझाईश की । बाद में बजरी लीज होल्डर्सकर्मियो ने बिना सीमांकन एवं अनुमति के खनन नही किए जाने का आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीणों ने जाम हटाया।
उल्लेखनीय रहे बनास नदी में अवैध बजरी खनन की शिकायतों एवं आए दिन होने वाले तनाव एवं झगड़ो की नोबत आने के बावजूद न तो जिला प्रशासन न ही खनिज विभाग का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचता। लीज होल्डर्स द्धारा रखे गए रिटायर्ड पुलिस अधिकारी अवैध बजरी खनन मामलों को पुलिस थानों तक पहुंचने से पहले ही निपटा लेते है।बजरी लीज होल्डर्स से पुलिस व खनिज विभाग की मिलीभगत होने से अवैध खनन होने के बावजूद भी लीज को निरस्त किए जाने की कार्यवाई नही की जाती जब कि नियमो के मुताबिक बजरी खनन के नियमो की अवहेलना किए जाने पर लीज निरस्त की जा सकती है ऐसा शपथ पत्र खनिज विभाग को लीज धारक की तरफ से दिया गया है।