


कृषि उपनिदेशक राधेश्याम मीणा, परियोजना निदेशक आत्मा रामप्रसाद मीणा, कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने सोमवार को उनियारा क्षेत्र के देवली, सोप, पायगा, गलवानिया, खातोली,झुण्डवा,रहसूदपुरा सहित एक दर्जन गावों का दौरा कर फसल स्थिति का जायजा लिया और कृषि पर्यवेक्षक तथा सहायक कृषि अधिकारियों को विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानों को देने के निर्देश दिए।
कृषि अधिकारी कजोड मल गुर्जर ने बताया कि कृषि विभाग के उपनिदेशक राधेश्याम मीणा ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान फसल स्थिति का जायजा लिया एवं किसानों को सलाह दी कि कृषि में वैज्ञानिक तकनीक अपनाऐं जिससे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त होगा ,वर्तमान में फसल स्थिति अच्छी है, किसी भी प्रकार का रोग एवं कीटों का प्रकोप नहीं है।
कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृिष अधिकारी अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों के खेतो में जाए एवं फसलों में लगने वाले कीट एवं व्याधियों पर निगरानी रखें, यदि फसलों में किसी भी प्रकार का रोग या कीट का प्रकोप दिखाई देवे तो विभागीय सिफारिश के अनुसार किसानों को सलाह देवे एवं यदि प्रकोप आर्थिक क्षति स्तर से अधिक हो तो उच्चाधिकारियों को अवगत करावे ताकि समय रहते फसलों में हाने वाले नुकसान से बचा जा सकें। उन्होनें किसानों को सलाह दी कि वे कृषि आदान खरीदते समय पक्का बिल अवश्य लेवें।परियोजना निदेशक आत्मा रामप्रसाद मीणा ने कहा कि आत्मा योजना की योजनाओ को समय पर सम्पादित करे! कृषको को कृषि की उन्नत तकनीक की जानकारी देवे।
कृषि अधिकारी कजोड मल गुर्जर ने कहा कि फसलों में वैज्ञानिक तरीके से बीज उपचार करने के लिए जिले की सभी ग्राम पंचायतों में बीजोपचार मशीन (सीड ड्रेसिंग ड्रम) उपलब्ध कराया गया है ,किसान अपना बीज व दवा ग्राम पंचायत में ले जाकर निःशुल्क बीजोचार कर सकते है,किसान फसल बीमा कराये एवं नुकसान होने पर बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर पर शिकायत दर्ज कराये,जिससे किसानो को समय पर क्लेम मिल सके! सभी कृषि पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया कि वे फसल बीमा एवं अन्य विभागीय योजनाओं का किसानों के बीच अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें ताकि वे अधिक से अधिक किसान विभागीय योजनाओं से लाभान्वित हो सके। क्षेत्र भ्रमण को दौरान सहायक कृषि अधिकारी हनुमान मीणा,आमली कृषि पर्यवेक्षक प्रधान गुर्जर,देवली कृषि पर्यवेक्षक सीता मीणा,कृषि पर्यवेक्षक महेन्द्र कुमार मीणा भी मौजूद थे।