Saturday, 29 August 2026

राहुल गांधी को राजस्थान में यात्रा करने मौलिक अधिकार नहीं: गजेंद्र सिंह शेखावत


राहुल गांधी को राजस्थान में यात्रा करने मौलिक अधिकार नहीं: गजेंद्र सिंह शेखावत

जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत जोड़ों यात्रा लेकर राहुल गांधी निकले है। उनको राजस्थान में यात्रा करने का मौलिक अधिकार नहीं हे। वो इसलिए नहीं है कि जब वर्ष 2018 में इस सरकार को बनाने के लिए आए थे तब उन्होंने किसानों से वादा किया था कि 10 तक गिनती गिनने तक  प्रदेश के 75 लाख किसानों का कर्जा माफ हो जाएगा।`

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज किसानों की जमीन बैकों द्वारा नीलाम की जा रही है। किसान सुसाइड करने को मजबूर है। जबकि चार साल पूरे हो चुके है। उन्होंने युवाओं से वादा किया था कि हम बेरोजगारी भत्ता देंगे। अब देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी किसी प्रदेश में है तो वह राजस्थान में है। उन्होंने सुशासन व माता-बहनों से सुरक्षा का वादा किया था आज देश में सबसे ज्यादा रेप राजस्थान में हो रहे है। अपराधियों के हौसले सबसे ज्यादा बुलंद राजस्थान में है। मुझे लगता है कि भारत जोड़ो यात्रा करने से पहले इन सभी विषयों का उत्तर लेकर राजस्थान में आना चाहिए था।

जलशक्ति मंत्री शेखावत ने कहा कि गुजरात चुनाव के परिणाम को देशभर में उसका असर देखने को मिलेगा। लेकिन राजस्थान में जिस तरीके के हालात और परिस्थिति है। राजस्थान में 2013 में एक नया कीर्तिमान बनाया था और 163 सीटें जीती थी। अबकि बार मुझे कहने की जरूरत नहीं है मेरे कहने पर अतिश्योक्ति होगी। राजस्थान सरकार के मंत्री व विधायक उनके बीच कॉम्पिटिशन चल रहा है कि कोई कह रहा है कि हम इनोवा बैठने लायक बचेंगे कोई कह रहा है कि फॉच्यूर्नर में जाने लायक बचेंगे। मुझे लगता है थोड़े दिन में इसी गति से चलता रहा तो टू-व्हीलर और ऑटो रिक्शा जितने ही रह जाएंगे।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत ने कहा कि हर घर में नल और नल मे जल पहुंचे इस लक्ष्य को लेकर काम किया जा रहा है। मैं मानता हूं कि राजस्थान देश भर में सबसे धीमी गति से काम करने वाले प्रदेशों में से एक है। दुर्भाग्य से पश्चिमी राजस्थान के इस इलाके में सबसे ज्यादा कष्ट व चुनौती है। पूरे राजस्थान की तुलना में इस इलाके में आधे से भी कम काम नहीं हुआ है। राजस्थान सरकार को पूरा बजट देने के बाद भी काम गति के साथ नहीं कर रही है। बार-बार हर बैठक में इसकी समीक्षा भी की जा रही है। अभी कुछ टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई है मुझे लगता है कि साल 2024 तक काफी हद इस चुनौती को समाप्त कर पाएंगे।



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