


जरूरतमंद की सेवा का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि ऐसी सेवा अन्तः करण को उज्ज्वल करती हैं, और रत्न ऊपरी मन को। इस लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए माथुर सभा, जयपुर एवं माथुर समाज द्वारा यह साल “महिला शशक्तिकरण वर्ष“ को समर्पित किया है।
माथुर महासभा के अध्यक्ष मेजर जनरल अनुज माथुर और महासचिव डॉ. आदित्य नाग और हेमेन्द्र माथुर ने बताया कि जैसा कि हम सब जानते हैं कि भारत में मासिक महावारी की स्वच्छता वास्तव में बहुत खराब है, आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक स्तर पर कम से कम 500 मिलियन लड़कियों के पास मासिक महावारी स्वच्छता उत्पादों तक पहुँच नहीं है। कई लड़कियां अपने पीरियड्स के दौरान स्कूल छोड़ देते हैं क्योंकि वे पैड्स अफ़्फोर्ड नहीं कर सकती।
भारतीय समाज में मासिक महावारी को आज भी वर्जित माना जाता है। इसी के तहत आज शिप्रा पथ, मानसरोवर कपिल ज्ञानपीठ स्कूल के सामने स्थित कच्ची बस्ती में छोटे बच्चियों एवं महिलाओं को जरूरतमंद बनाने के उद्देश्य से सभी महिलाओं को सेनेटरी पैड्स वितरण कार्यक्रम का आयोजित किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में डी सी पी ट्रैफिक, प्रहलाद कृष्णिया आईपीएस सम्मिलित हुए। बढ़ती सर्दी के मौसम को देखते हुए स्वेटर छोटे बच्चों को स्वेटर वितरित किए।