Saturday, 29 August 2026

सरकारी स्कूल में भाजपा की जन आक्रोश यात्रा की सभा कराने और बच्चों को वोट देने की शपथ दिलाने वाले प्रिंसिपल सीताराम मीणा को किया निलंबित, जांच शुरू


सरकारी स्कूल में भाजपा की जन आक्रोश  यात्रा की सभा कराने और बच्चों को वोट देने की शपथ दिलाने वाले प्रिंसिपल सीताराम मीणा को किया निलंबित, जांच शुरू

जन आक्रोश यात्रा के दौरान शुक्रवार को भाजपा ने झालावाड़ जिले के मनोहरथाना विधानसभा क्षेत्र के महाराजपुरा गांव के सरकारी स्कूल में ही ना केवल सभा कर डाली बल्कि स्कूल के बच्चों को उसमें शामिल कर वोट देने की शपथ तक दिलवा दी। सीबीईओ मनोहरथाना वीरेंद्रसिंह ने बताया कि यह मामला हमारे ध्यान में आया है। जिसके बाद प्रिंसिपल सीताराम मीणा को निलंबित कर दिया गया है हमने इसमें कार्रवाई के निर्देश भी दे दिए हैं। 

स्कूल के प्रधानाचार्य स्कूल की छुट्टी होने के बाद यह आयोजन होने की बात कह रहे हैं, लेकिन सभा के लिए टैंट शहीद माइक साउंड आदि दिन में ही लग चुके थे। जब उनके इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था गांव के सरपंच और कुछ ग्रामीणों ने सभा के लिए कहा था। खुद भाजपा विधायक गोविंद रानीपुरिया इस सभा में मौजूद थे।

शुक्रवार को भाजपा की जन आक्रोश यात्रा पहुंची। यात्रा का नेतृत्व प्रभारी बाबूलाल रेनवाल और मनोहरथाना से भाजपा विधायक गोविंद रानीपुरिया कर रहे थे। उनके अलावा यात्रा में मनोहरथाना प्रधान रामकन्या बाई, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा और भाजपा जिला उपाध्यक्ष दिनेश मंगल सहित क्षेत्र के कई भाजपा पदाधिकारी  और कार्यकर्ता शामिल थे।

शाम करीब साढ़े चार बजे यह यात्रा महाराजपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पहुंची। जहां बाकायदा बच्चों को बैठाकर सभा की गई। इस सभा में कक्षा एक से पांचवी तक के बच्चों को भी शामिल किया गया। इन सभी बच्चों को भाजपा जिला उपाध्यक्ष दिनेश मंगल ने अगले 25 साल तक भाजपा को ही वोट देने की शपथ दिलवाई। सभा करीब पौन घंटे तक चली। इस दौरान एक एक कर सभी भाजपा नेताओं ने भाषण देते हुए कांग्रेस सरकार को घेरा। भाजपा विधायक गोविंद रानीपुरिया ने केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाया और कहा कि प्रदेश में चारों ओर अपराध बढ़ रहा है।

स्कूल परिसर में किसी भी आयोजन की परमिशन के लिए विद्यालय समिति होती है। जिसमें प्रधानाचार्य भी शामिल हैं। इनकी सहमति से ही वहां आयोजन हो सकता है। इसमें किसी तरह का शुल्क तय नहीं है। यदि आयोजन कर्ता खुद की इच्छा से कोई अंशदान देना चाहे तो दे सकता है, लेकिन स्कूल में इस तरह के राजनीतिक आयोजन नहीं हो सकते हैं।

प्रधानाचार्य सीताराम मीणा ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कियह कार्यक्रम स्कूल समय के बाद हुआ है। जब यह आयोजन हुआ तो हम स्कूल से जा चुके थे। स्थानीय जनप्रतिनिधि, कुछ ग्रामीण इसका सामान लेकर आए थे। हमारी ओर से इसकी कोई परमिशन नहीं दी गई। सभा में बच्चों के बैठने के बारे में जानकारी नहीं है। - 



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