


राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में सबसे बड़ी सुरक्षा चूक कोटा में देखने को मिली। गुप्तचर विभाग इस मामले में पूरी तरह से विफल नजर आया। राहुल गांधी को उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था दे रखी है इसके बावजूद भी कोटा में कथित रूप से कुलदीप नामक बूंदी का युवक आया और आत्मदाह का प्रयास कर दिया। यह तो गनीमत रही कि राहुल गांधी की यात्रा में साथ चल रहे यात्रियों ने बचा लिया। इस गंभीर घटना के बाद भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्तर पर जांच नहीं कराई गई और ना ही 3 दिन बाद भी किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को दोषी मानकर कार्यवाही नहीं की गई।
सवाल यह उठता है कि जब राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर प्रशासन ने एडीजी स्तर पर पुलिस की व्यवस्थाओं की देखरेख की जा रही थी और संभागीय आयुक्त को हटाने की इस मामले को लेकर बैठक आयोजित की लेकिन परिणाम जो आया उसे ऐसा लगता है कि उन्होंने राहुल गांधी की सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से नहीं लिया और आत्मदाह जैसी घटना करने की हिम्मत युवक में आई। अगर गुप्तचर विभाग सतर्क रहता तो निश्चित तौर पर उन्हें उस युवक को पहले ही अपने कब्जे में लिया जा सकता था। सीएम गहलोत खुद गृहमंत्री हैं ऐसे में उन्हें जिम्मेदारी लेकर उच्च स्तर पर कार्रवाई करनी चाहिए जो अभी तक नहीं हुई है। यह बात भी सही है कि सीएम गहलोत इस बात को जानते हैं कि उन्होंने ऐसी कार्रवाई की तो उनके खिलाफ भी माहौल बन सकता है। प्रतिपक्ष भी इस मामले को जिस प्रकार से उठाया जाता है नहीं उठा रहा । यात्रा का फिलहाल विश्राम है ऐसे में अब सीएम गहलोत को अपने स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर यह संदेश देना चाहिए कि सरकार राहुल गांधी के प्रति गंभीर है। यात्रा अब गुर्जर-मीणा बाहुल्य क्षेत्र में जाएगी। आने वाले समय में सचिन पायलट का विधानसभा क्षेत्र टोंक से यह यात्रा गुजरेगी ऐसे में अब यात्रा और भव्य रूप लेगी सरकार को चाहिए कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ सभी विषय माकूल कैसे रहें इस पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है।