


गैंगस्टर राजू ठेहट का सीकर में शनिवार को सुबह गैंगवार में हत्या कर दी गई। कोचिंग की ड्रेस में पहुंचे बदमाशों ने ठेहट को घंटी बजाकर बाहर बुलाया और फायरिंग कर दी। ठेहट को 3 से ज्यादा गोली लगी थी।
डीजीपी उमेश मिश्रा ने बताया कि फायरिंग का एक बदमाश ने वीडियो भी बनाया। लॉरेंस विश्नोई गैंग के गैंगस्टर रोहित गोदारा ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने बताया कि बदमाश पंजाब और हरियाणा बॉर्डर की तरफ जाएंगे। इन बदमाशों के पीछे राजस्थान पुलिस है, पूरे प्रदेश भर में कड़ी सुरक्षा के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस ने बता या कि शहर के पिपराली रोड पर ठेहट का घर है। यहां हुई फायरिंग में नागौर के एक व्यक्ति की भी गोली लगने से मौत हुई है। जानकारी के अनुसार मृतक फायरिंग का वीडियो बना रहा था। इसलिए आरोपियों ने उस पर भी फायरिंग कर दी।
फायरिंग की जानकारी मिलते ही सीकर एसपी कुंवर राष्ट्रदीप सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और डीजीपी के निर्देश पर पूरे राज्य में नाकाबंदी की गई है। ठेहट की गैंग शेखावाटी में काफी सक्रिय थी और आनंदपाल गैंग से भी उसकी दुश्मनी थी। आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद भी दोनों गैंग में वर्चस्व की लड़ाई जारी थी।
इस पूरे हत्याकांड के कई सीसी टीवी फुटेज भी सामने आए हैं। एक फुटेज में दिख रहा है ठेहट के घर के सामने एक ट्रैक्टर आकर रुकता है और चार-पांच बदमाश उसमें से हथियार निकालकर बाहर खड़े ठेहट पर फायरिंग करना शुरू कर देते हैं। बदमाश 30-40 सेकेंड तक गैंगस्टर राजू पर फायरिंग करते दिख रहे हैं। बदमाशों ने करीब 50-60 राउंड फायरिंग की है। गोली मारने के बाद बदमाश कुछ सेकेंड बाद वापस और जमीन पर पड़े राजू को चेक किया कि कहीं वह जिंदा तो नहीं है।
सीकर से वे अल्टो लेकर भागे थे, खेतड़ी में उन्होंने अल्टो छोड़कर क्रेटा गाड़ी ले ली थी। इस दौरान भी उन्होंने फायरिंग की है। बदमाश उदयपुरवाटी से खेतड़ी थाना क्षेत्र के बबाई की ओर निकले। यहां पुलिस की नाकाबंदी होने की वजह से बदमाश गाड़ी वापस घुमाकर भागे। राजू ठेहट के मर्डर की जिम्मेदारी लॉरेंस ग्रुप के रोहित गोदारा ने ली है। गोदारा बीकानेर के लूणकरणसर का है। गोदारा ने एक पोस्ट भी किया है, जिसमें लिखा है कि ये हमारे बड़े भाई आनदंपाल और बलबीर की हत्या में शामिल था। जिसका बदला आज हमने इसे मारकर लिया है।
आनंदपाल और राजू ठेहठ के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही थी। हत्या के पीछे आनंदपाल गैंग के बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष बानूड़ा का हाथ बताया जा रहा है। बलवीर बानूड़ा की राजू ठेहट ने हत्या करवाई थी। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर सुभाष दो साल से ठेहट को मारने की फिराक में था। पुलिस ने अब तक इस बारे में कुछ नहीं कहा है। सुभाष बानूड़ा और रोहित गोदारा साथी हैं।
पुलिस ने इस मामले में कुछ आरोपियों को चिन्हित किया है। सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने उदयपुर जिले के राठौड़ों का गुड़ा गांव के रहने वाले पर्वत सिंह को संदिग्ध माना है। इस आरोपी के पास उसी तरह गाड़ी है, जो सीकर में शनिवार को हमलावर लेकर पहुंचे थे। ये युवक भी आनंदपाल गैंग से जुड़ा हुआ है। लंबे समय से नागौर और सीकर क्षेत्र में आता जाता रहा है। वह आंनदपाल के भाई मंजीत के भी संपर्क में रहा है। सूत्रों के मुताबिक उसने कई बार मार्बल और माइनिंग व्यापारियों से उदयपुर में लॉरेंस विश्नोई के नाम पर फिरौती मांगी है। हालांकि फिरौती पर किसी थाने में मामला दर्ज नहीं हुआ है।