


गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति और सरकार के बीच बुधवार को समझौता और सहमति नहीं हो सकी। बुधवार को भी दोनों में वार्ता नहीं हुई। इससे पहले दो दिन चली बैठकों में ज्यादातर मांगों पर सहमति बन चुकी है। बुधवार शाम 5 बजे जयपुर के सहकार मार्ग स्थित आरएसईबी गेस्ट हाउस में फिर से सरकार ने गुर्जर प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया था। जो अब गुरुवार को होगी।
देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष जोगेंदर सिंह अवाना ने कहा कि ''ज्यादातर सभी मांगों पर सहमति बन चुकी है। एक पॉइंट पर मामला लीगल राय लेने की वजह से अटका हुआ है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ निर्देश दिए हैं कि पॉजिटिव होकर मांगों का समाधान निकालना है। दो दिन की बातचीत अच्छे माहौल में हुई है। हम चाहते हैं फाइनली आज सभी मांगों पर सहमति बन जाए। पुष्ट सूत्रों के मुताबिक गुर्जर प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच जिस मुद्दे पर पेंच फंसा है। वह रीट लेवल-1 परीक्षा 2021 के एमबीसी में आने वाले 233 एप्लीकेंट्स को ओबीसी में मानते हुए पोस्टिंग देने के इंस्ट्रक्शंस जारी करने के बावजूद नौकरी नहीं देने का है। एक पत्र प्रतिनिधिमंडल ने अंग्रेजी में लिखकर सरकार को दिया है। एमबीसी के अभ्यार्थी को ओबीसी की सीट्स के अगेंस्ट मेरिट के आधार पर कंसीडर करने की मांग है। जोधपुर हाईकोर्ट में रिट संख्या-CW-12444/ 2019 में सेम प्रोसेस एएजीकी ओर से रखने की बात कही गई है। 2019 और 2020 की ज्यादा मांगों पर सहमति के अलावा देवनारायण गुरूकुल योजना को फंक्शनिंग में लाने, योजना की अनियमितताएं दूर करने, स्टूडेंट्स को सुविधाएं उपलब्ध कराने, जिन स्कूलों में देवनारायण योजना के तहत बच्चे नहीं पढ़ रहे हैं, उन स्कूलों को भी योजना के तहत भुगतान होने, देवनारायण योजना की 2019-2020, 2020-2021 और 2021-2022 की 13548 स्कॉलरशिप पेंडिंग होने, देवनारायण रेसीजेंशियल स्कूलों में महिला वार्डन की कमी, स्कूलों में यूनिफॉर्म, बैग, जूते केवल शुरुआती 3 महीने के लिए बच्चों को देने और बाद में पैरेंट्स के अकाउंट पर सीधा उसका भार डालने की समस्याओं पर समाधान निकालने पर सहमति बन गई है।