Saturday, 29 August 2026

गुर्जर प्रतिनिधि मंडल और सरकार के बीच मंगलवार को 7 घंटे हुई वार्ता में दूसरे दिन भी नहीं बनी सहमति, बुधवार को फिर होगी बातचीत


गुर्जर प्रतिनिधि मंडल और सरकार के बीच मंगलवार को 7 घंटे हुई वार्ता में दूसरे दिन भी नहीं बनी सहमति, बुधवार को फिर होगी बातचीत

गुर्जर प्रतिनिधि मंडल और सरकार के बीच मंगलवार को 7 घंटे हुई वार्ता में दूसरे दिन भी सहमति नहीं बन सकी। बातचीतअधूरी रही। अब बुधवार को फिर से सरकार ने गुर्जर प्रतिनिधिमंडल को शाम 5 बजे बातचीत के लिए बुलाया है। बैठक के बाद सरकार की ओर से खेल राज्यमंत्री अशोक चांदना और देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह अवाना पत्रकारों से बातचीत करते हुए दोनों ने कहा कि ज्यादातर मांगों पर सरकार सहमत है, लेकिन एक बिंदु पर सहमति नहीं बन सकी है। उसको लेकर परीक्षण करवाया जा रहा है। 

खेल राज्यमंत्री अशोक चांदना ने कहा कि किन बिंदुओं पर सहमति बनी है और किन पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है,उनका अभी खुलासा नहीं किया जा सकता है। बुधवार शाम 5 बजे गुर्जर प्रतिनिधिमंडल से  बातचीत के बाद ही उस बारे में कुछ कहा जा सकता है।

गुर्जर  संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला  ने  कहा कि राहुल गांधी का विरोध अभी भी जारी रहेगा। जब तक हमें लिखित में कोई सहमति नहीं मिल जाती तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। लेकिन मांगें मान ली जाती हैं तो हम क्यों विरोध करेंगे ! सरकार के मंत्रियों और देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष से  सकारात्मक बातचीत हुई है । लेकिन सहमति नहीं बन पाई है । अगर सरकार हमारी मांगें मान लेगी तो हमें खुशी होगी। हम आमेर से हाथी बुलाकर सरकार को उस पर बैठाएंगे।

सरकार के मंत्रियों और गुर्जर प्रतिनिधियों के बीच में 1 घंटे का ब्रेक हुआ और उसके बाद फिर से बातचीत हुई।पार्टी के संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल से आने के कारण मंत्री उन्होंने मुलाकात के बाद फिर से शाम करीब 6:50 बजे फिर से मंत्रियों और गुर्जर प्रतिनिधियों की बैठक शुरू हुई, जो रात करीब सवा 8 बजे तक चली।

बैंसला ने कहा था- हमने सोमवार को सरकार को अपनी सारी बातें रख दीं। वो मंगलवार को बताएगी कि क्या फीडबैक है। सोमवार की बैठक में सरकार ने बोला- 

साल 2019 और 2020 में हुए समझौते के बिंदू लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसमें भर्तियों में एमबीसी आरक्षण के लंबित केस, पुरानी भर्तियों में आरक्षण का फायदा दिलाने, बैकलॉग पोस्ट में आरक्षण देकर गुर्जर समाज के युवाओं की भर्ती करने, शैडो पोस्ट क्रिएट करने, गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान समाज के लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, एससी-एसटी की तर्ज पर एमबीसी के स्टूडेंट्स को मेडिकल में फीस में छूट देने, देवनारायण योजना जैसे मुद्दे शामिल हैं।

 




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