Saturday, 29 August 2026

वर्ष 2023 के लिए आम जनता संकल्पित है सीएम गहलोत और कांग्रेस को भागना पड़ेगा, बेहतर होगा की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कुर्सी छोड़ दें : डॉ. पूनियां


वर्ष 2023 के लिए आम जनता संकल्पित है सीएम गहलोत और कांग्रेस को भागना पड़ेगा, बेहतर होगा की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कुर्सी छोड़ दें : डॉ. पूनियां

राजसमंद जिले में पुजारी हत्या मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जिसमें प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर, विधायक धर्मनारायण जोशी और ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना को सदस्य बनाया है, जो घटनास्थल पर जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेंगे।

डॉ. सतीश पूनियां ने सरदारशहर प्रवास पर जाने के दौरान सीकर में पत्रकारों से बातचीत में राजसमंद पुजारी हत्या मामले को लेकर कहा कि, शांतिपूर्ण राजस्थान अब अपराधों की राजधानी हो गया है और यह एक बार नहीं अनेक बार सदन और सड़क पर युक्ति चरितार्थ होती दिखती है और अक्सर इसकी चर्चा बार बार होती है।


डॉ. पूनिया ने कहा कि गहलोत सरकार को उनके नुमाइंदों को बुरा लग सकता है, लेकिन साढ़े 8 लाख से अधिक दर्ज मुकदमे इसकी एक तस्वीर पेश करते हैं, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के महिलाओं के अपराधों के आंकड़े प्रस्तुत होते हैं, जिसमें प्रतिदिन औसतन 17 बलात्कार की घटनाएं और 7 हत्याएं। 

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पुजारियों की हत्या यह राजस्थान के अपराधियों का शायद यह खेल हो गया है, खिलवाड़ हो गया। राजस्थान की कानून व्यवस्था के ऐसे हालात हैं कि अपराधियों और माफियाओं के बुलंद हो रहे हौसलों से या तो साधुओं को खुद आत्मदाह के लिए मजबूर होना पड़ता है या उनकी किन्हीं माफियाओं के द्वारा हत्या कर दी जाती है। 

डॉ. पूनिया ने कहा कि माफियाओं ने जमीन के विवाद के चलते देवगढ़ भीम के हीरागांव के पुजारी नवरत्न लाल को जिस तरीके से उन पर हमला किया पेट्रोल बम से और अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए अंततः पुजारी ने अपना जीवन छोड़ दिया है, केवल जीवन पुजारी ने ही नहीं छोड़ा, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था ने छोड़ दिया, प्रदेश की जो शांति थी उसने छोड़ दिया, ऐसा लगता है कि कांग्रेस सरकार और पुलिस ने इकबाल छोड़ दिया हो।

उन्होंने कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लें, कांग्रेस पार्टी तो उनसे पद छुडवाएं कि नहीं छुडवाएं, राजस्थान की जनता 2023 के लिए संकल्पित है उनको और कांग्रेस को भागना पड़ेगा। बेहतर होगा कि उससे पहले नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सीएम  गहलोत कुर्सी छोड़ दें।


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