


बजरी लीज होल्डर्स को बजरी खनन का ठेका क्या मिला,मानो बनास नदी की सारी भूमि में ही बजरी खनन का लाइसेंस मिल गया हो। बजरी लीज होल्डर्स नियमो की खुली अवहेलना करते हुए प्रतिबंधित इलाके से बजरी उठाने में पीछे नही है।
पंचायत समिति टोंक के उप प्रधान रामकेश मीणा द्धारा इस मामले में खनिज विभाग सहित सम्बन्धित पुलिस थाना में शिकायत किए जाने के बावजूद कोई कार्यवाई नही होना बजरी लीज होल्र्डर्स एवं विभाग की मिलीभगत को दर्शाता है।
उपप्रधान रामकेश मीणा ने बताया कि ग्राम लहन में जलदाय विभाग के कुँआ का सेफ्टी जोन क्षेत्र है जिसमे बजरी लीज होल्डर्स धड़ल्ले से बजरी खनन में लिप्त है।मीणा के मुताबिक जलदाय विभाग के पेयजल के लिए कुएं वाले सेफ्टी ज़ोन क्षेत्र जो 457.21 हेक्टेयर मे फेला हुआ है।इसको राज्य सरकार ने प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है उसके बावजूद अवैध खनन किया जा रहा है।
उपप्रधान रामकेश मीणा का आरोप है कि इस मामले में 9नवम्बर को खनिज अभियन्ता एवं भू-विज्ञान विभाग टोंक को फोटोग्राफ्स सहित शिकायत की गई थी लेकिन विभाग की चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि उसकी भी बजरी लीज होल्र्डर्स से सांठगांठ है।