


समय पर सूचना नहीं देना और पेनल्टी भरकर मामले को खत्म करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सूचना आयोग ने कड़ी कार्रवाई करना शुरू कर दिया हैं। सूचना आयोग ने गुरुवार को एक ऐसे ही मामले में जयपुर जेडीए के जोन उपायुक्त के खिलाफ सूचना नहीं देने पर पेनल्टी लगाने के बजाए जांच के आदेश दिए है। सूचना आयोग ने जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त को आदेश देते हुए एक माह में जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
जेडीए के जोन 5 में एक सूचना के लिए अपीलार्थी संजय शर्मा ने 5 जुलाई 2021 को आवेदन किया। जिसमें उन्होंने सूचना मांगी कि उनके मकान के खिलाफ क्या मिली शिकायत उस शिकायत की जांच के बाद जेडीए ने जो कार्यवाही की उसकी पत्रावली की प्रतिलिपि मांगी। लेकिन जेडीए में तत्कालीन जोन उपायुक्त नानूराम सैनी ने सूचना नहीं दी। इस मामले पर आवेदक ने पहली और दूसरी अपील भी की, लेकिन अपील के बाद भी न तो सूचना उपलब्ध करवाई और जवाब दिया कि ये सूचना उपलब्ध करवाना संभव नहीं है।
दूसरी अपील पर सुनवाई करते हुए बताया कि सूचना से संबंधित फाइल अमीन मदन लाल तंवर के पास है। मदन लाल उस समय जोन 5 में अमीन पद पर संविदा पर कार्यरत था और वर्तमान में ट्रांसफर होकर जोन 13 में चला गया। मुख्य सूचना आयुक्त डीबी गुप्ता ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि जो फाइल जोन कार्यालय में उपलब्ध होनी चाहिए वह पिछले एक साल से अमीन लेकर बैठे है और प्रशासन उस फाइल को अमीन से ले नहीं पा रहा और न ही उसके खिलाफ कोई कार्यवाही कर सके।
दूसरी अपील पर हुई सुनवाई का निस्तारण करते हुए मुख्य सूचना आयुक्त डीबी गुप्ता ने संबंधित जोन उपायुक्त को 21 दिन में सूचना की कॉपी अपीलार्थी को उपलब्ध करवाने के आदेश दिए। साथ ही जेडीए आयुक्त को आदेश दिए कि पत्रावली होने के बाद भी समय पर सूचना उपलब्ध नहीं करवाना गंभीर मामला है, इस मामले में कौन अधिकारी-कर्मचारी दोषी है इसकी जांच करके एक महीने में कार्रवाई रिपोर्ट पेश करें।