

छत्तीसगढ़ रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी की फर्जी बीपीएड डिग्री बनाने और बेचने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 14 नवंबर को जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर 3 अभ्यर्थियों को फर्जी डिग्री उपयोग में लेने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया जा चुका है। इन दोनों आरोपियों को भी कोतवाली पुलिस द्वारा सोमवार को कोर्ट में पेश किया ।
प्रतापगढ़ एसपी अनिल कुमार ने बताया कि बीपीएड की फर्जी डिग्री का उपयोग कर चयन सूची में लिए गए अभ्यर्थियों संतोष कुमार, विनोद सालवी और मांगीलाल पंड्या निवासी थाना सराडा तथा फर्जी डिग्री बनाने के आरोप में प्रेम सिंह राठौड़ निवासी थाना कोतवाली बांसवाड़ा एवं बेचने के आरोप में भीमराज मीणा निवासी थाना सराडा को गिरफ्तार किया गया।
एसपी अनिल कुमार ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी प्रतापगढ़ वसुमित्र सोनी ने आरोपी मांगीलाल पंड्या, सतीश कुमार व विनोद सालवी के विरुद्ध एक रिपोर्ट थाना कोतवाली में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि तीनों अभियुक्तों ने अपने आवेदन पत्र के साथ राजकीय सेवा में नियुक्ति पाने के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा जारी बीपीएड परीक्षा 2014 की डिग्री लगाई थी। जांच कराए जाने पर उक्त डिग्रियां फर्जी पाई गई। रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज किया गया।
अनुसंधान के दौरान अनुसंधान अधिकारी एसआई लालसिंह मय टीम द्वारा थानाधिकारी रविंद्र सिंह के नेतृत्व में अंतिम सूची में चयन हुए अभ्यार्थी सतीश कुमार, विनोद सालवी एवं मांगीलाल पंड्या को 14 नवंबर को गिरफ्तार कर फर्जी डिग्रियां, माइग्रेशन प्रमाण पत्र और चरित्र प्रमाण पत्र बरामद किए। जिन्हें कोर्ट में पेशकर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया गया। पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी डिग्री भीमराज मीणा से खरीदना बताया।
इस पर टीम द्वारा 17 नवंबर को अभियुक्त भीमराज मीणा को गिरफ्तार कर फर्जी डिग्री बनाने वाले मुख्य आरोपी प्रेम सिंह को 19 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों को थाना पुलिस द्वारा सोमवार को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।