


बनास नदी में बजरी लीज होल्डर्स एवं रॉयल्टी ठेकेदार प्रतिबंधित इलाको से बजरी खनन करके नियमो की धज्जियां उड़ा रहे है। इस आशय की शिकायत पंचायत समिति टोंक के उपप्रधान रामकेश मीणा एवं ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से भी की है। जिन्होंने आरोप लगाया है कि बजरी लीज धारक नया गांव,अहमदपुरा,बोरदा एवं लहन क्षेत्र में गांव वालों को धमका करके प्रतिबंधित क्षेत्र में बजरी खनन करने से गांवो में शान्ति भंग होने की संम्भावना है।
पंचायत समिति टोंक के उपप्रधान रामकेश मीणा ने लिखा है कि बनास नदी में पिछले दो सप्ताह पूर्व ही बजरी की लीज दी गई है जिसके बाद से ही बजरी खनन कार्य शुरू होने के साथ ही प्रतिबंधित इलाको में बजरी खनन नियमो के खिलाफ किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने बताया कि टोंक तहसील के बनास नदी क्षेत्र में 571 बीघा 4बिस्वा में पूर्व में ही बजरी लीज होल्डर्स ने बजरी उठा ली।
उपप्रधान रामकेश मीणा ने पूर्व में भी बनास नदी में अवैध खनन मामले में बजरी माफियाओं द्धारा कालू भील की हत्या का जिक्र करते हुए प्रतिबंधित क्षेत्र से बजरी खनन को रोकने की मांग की है ताकि गांवो में शांति बनी रहे।मीणा ने पेयजल स्त्रोतों,सघन पेड़ वाले इलाकों सहित प्रतिबंधित क्षेत्र में बजरी खनन किए जाने का आरोप लगाया है।
उपप्रधान का कहना है कि खनिज विभाग को नियमो की शर्तों का उल्लंघन करके बजरी खनन किए जाने मामले में लीज निरस्त किए जाने की कार्यवाई की जाए।उन्होंने बताया कि इससे पूर्व में भी लीज होल्र्डर्स पर खनिज विभाग ने1लाख 25 हजार का जुर्माना किया था।