Saturday, 29 August 2026

रानी लक्ष्मीबाई की जंयती पर अखिल भारतीय विधार्थी परिषद ने माल्यार्पण कर दी पुष्पाजंलि


रानी लक्ष्मीबाई की जंयती पर अखिल भारतीय विधार्थी परिषद ने माल्यार्पण कर दी पुष्पाजंलि

एमडीएस विश्वविद्यालय और राजकीय विधि महाविद्यालय अजमेर में एसएफएस प्रांत सहसंयोजक दिनेश चौधरी के नेतृत्व में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की इकाई द्वारा शनिवार को रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर फोटो पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

एबीवीपी प्रांत सहसंयोजक दिनेश चौधरी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सभी महापुरुषों की जन्म जयंती उत्सव के साथ मनाता है। जिससे छात्र-छात्राओं को अपने महापुरुषों के संबंध में विस्तार से जानकारी तथा समाज को नई दिशा मिल सके। रानी लक्ष्मीबाई के संघर्ष से सीख मिलती हैं, छात्राओं को इससे प्रेरित होकर वर्तमान में अपने जीवन की स्थिति परिस्थितियों और लवजिहाद से लड़कर अपने जीवन मे राष्ट्रहित में कार्य करते रहना चाहिए।

एमडीएसयू छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल गोदारा ने कहा कि वर्तमान समय में मनोरंजन के अनेक साधन मौजूद हैं, लेकिन मानव का मानसिक विकास इस प्रकार के बौद्धिक आयोजनों से ही संभव है। आज आवश्यकता है कि रानी लक्ष्मीबाई की कहानी घर-घर सुनाई और पढ़ाई जाए।

एबीवीपी छात्र नेता राजेंद्र कालस ने कहा कि भारतीय भूमि को गौरवान्वित करने वाली झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई वास्तविक अर्थ में आदर्श वीरांगना थी। सच्चा वीर कभी आपत्तियों से घबराता नहीं है, प्रलोभन उसे कर्तव्य पालन से विमुख नहीं कर सकते। उसका लक्ष्य उदार और उच्च होता है, अपने पवित्र उद्देश्य की प्राप्ति के लिए वह सदैव आत्मविश्वासी, कर्तव्य परायण, स्वाभिमानी और धर्मनिष्ठ होता है। ऐसी ही थी वीरांगना लक्ष्मीबाई। सभी कार्यकर्ता और विद्यार्थियों ने रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर उन्हें याद कर उनकी फोटो पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई और लॉ कॉलेज में संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया।

इस अवसर पर एमडीएस छात्र संघ महासचिव अंकित शर्मा, लॉ कॉलेज इकाई उपाध्यक्ष रामदेव प्रजापत, करतार चौधरी, राजेश गुर्जर, उमेद बाज्या, अमृत चौधरी, नरपत चौधरी, विक्रम सिंह, कन्हैयालाल प्रजापत, दीपेश, रामचंद्र, दीपक, टेलर, मिताली सोनी, प्रेरणा, उर्मिला, हर्ष राठौड़, लखन, अब्दुल, दीपक, समीर, योगेश, दिनेश प्रजापत सहित विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता और विद्यार्थी उपस्थित रहे।



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