


मेयो कॉलेज जनरल काउंसिल अजमेर के तत्वावधान में मयूर स्कूल जयपुर अप्रैल 2023 में अपना पहला शैक्षणिक सत्र शुरू करेगा। स्कूल की स्थापना ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सोसायटी जयपुर की ओर से की गई है। जयपुर के डायरेक्टर मन कंदोई ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मयूर स्कूल जयपुर पूरी तरह से वातानुकूलित स्कूल जोन है, जो कि 10 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला शिक्षा परिसर है। छात्रों के समग्र विकास के लिए, स्कूल में खेलों से लेकर अतिरिक्त पाठयक्रम गतिविधियों के साथ-साथ एकीकृत शिक्षा का एक अनूठा संयोजन होगा।
सीनियर वाइस चेयरमैन रणधीर विक्रम सिंह ने कहा कि 1875 में स्थापित मेयो कॉलेज की 150 वर्षों की लिगेसी है। मेयो कॉलेज जनरल काउंसिल से जुड़कर मयूर स्कूल जयपुर इस प्रसिद्ध पब्लिक स्कूल की बेस्ट प्रैक्टिसिस का पालन करेगा। मेयो कॉलेज जनरल काउंसिल के सचिव और मेयो कॉलेज अजमेर के निदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल एस एच कुलकर्णीने कहा कि 1875 से मेयो कॉलेज 'नई शिक्षा नीति 2020' में बताए गए समग्र शिक्षा के विचारों का पालन कर रहा है।
मेयो कॉलेज, अजमेर के हेडमास्टर नवीन कुमार दीक्षित ने बताया कि मयूर स्कूल जयपुर कोलेबोरेशन मॉडल पर आधारित है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि मेयो कॉलेज के 'एथोस' भारत के साथ-साथ दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैलाए जाएं। दीक्षित ने आगे कहा कि यह सीएसआर मॉडल पर भी आधारित है, न कि बिजनेस मॉडल पर। मयूर स्कूल जयपुर के चेयरमैन राजकुमार कंदोई ने कहा कि समय, ट्रांस्पोर्टेशन, किताबें, सुरक्षा आदि के मामले में माता-पिता की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने बताया कि मयूर स्कूल जयपुर का उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास के लिए विश्व स्तर की सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ शहर के बच्चों को सशक्त बनाना है। स्कूल विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम का पालन करेगा। मयूर स्कूल जयपुर डिजिटल क्लासरूम से इक्विप्ड है, जिसमें बेहतर टीचिंग-लर्निंग के लिए इंटरैक्टिव डिजिटल टेक्नोलॉजी, पूरी तरह से इक्विप्ड हाई-एंड कंप्यूटर लैब्स के साथ ही सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, गणित और विभिन्न भाषाओं के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई लैब्स हैं।
मयूर स्कूल जयपुर के चेयरमैन कंदोई ने बताया कि छात्रों को स्टेम लर्निंग में मदद करने के लिए 'मेकरस्पेस' मौजूद है, ताकि वे भविष्य में टेक्नोलॉजी में माहिर हो सके।