


सचिन पायलट ने सोमवार को दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय मेंअखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे, संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ बैठक की है। इससे कांग्रेस हल्के में हलचल है और राजनीतिक माहौल में गर्माहट आ गई है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समर्थक और सचिन पायलट गुट के मंत्री-विधायको के बीच पिछले दिनों से बयानों की कवायद के मे सोमवार को दिल्ली सचिन पायलट की अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष खड़गे, संगठन महामंत्री वेणुगोपाल से मुलाकात ने प्रदेश की राजनीति और संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी और आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ को दिए कारण बताओ नोटिस के जवाब पर कांग्रेस हाईकमान द्वारा शीघ्रता से कोई फैसला करने की अटकले भी लगने लगी है।
हालांकि कांग्रेस चारों आला नेताओं की सोमवार को दिल्ली एआईसीसी मे बैठक को राजस्थान में दिसंबर के पहले सप्ताह में आनेवाली राहुल गांधी की भारत जोडो पदयात्रा को लेकर बैठक होना बताया जा रहा है। लेकिन सचिन पायलट के कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, संगठन महामंत्री वेणुगोपाल के साथ लम्बी बातचीत और मुलाकात मे प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं जोरों पर होने लगी है ? कांग्रेस इस बात पर भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि दिग्विजय सिंह भारत जोडो पदयात्रा के संयोजक है ओर वह रविवार को भारत जोडो पदयात्रा मे अब तक रिस्पॉन्स और आगामी तैयारियों से पटना पत्रकार वार्ता कर, पटना से दिल्ली आए हैं।
प्रदेश में राहुल गांधी की भारत जोडो पदयात्रा आगमन की व्यवस्था, स्वागत कार्यक्रम के मद्देनजर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, खान मंत्री प्रमोद जैन भाया, राजस्व मंत्रीरामलाल जाट, आरटीडीसी चैयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ओर संदीप चौधरी शनिवार सुबह जयपुर से महाराष्ट्र गए हुए हैं । उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा को लेकर राहुल गांधी से बातचीत करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन अब दिल्ली में सचिन की मुलाकात से कुछ और ही बात सामने आ रही है। आखिर राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर किसके पास जिम्मेदारी है और कौन यात्रा का मार्ग तय करेगा। राजनीतिक परिपेक्ष में मेल मिलाप का सिलसिला जारी है। अब कौन कितना किसके करीब है यह आने वाला समय ही स्पष्ट कर सकेगा।