


खाटूश्यामजी मंदिर रविवार रात 10 बजे से अगले आदेशों तक भक्तों के दर्शन को बंद कर दिया है। मंदिर कमेटी अध्यक्ष शंभू सिंह ने रविवार को मंदिर को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने के आदेश जारी किए। मंदिर कमेटी का कहना है कि आगामी फाल्गुन मेले से पहले मंदिर में व्यवस्थाएं सुधारने के लिए मंदिर बंद करने का फैसला किया है।
आखिर खाटू श्याम मंदिर कमेटी ने आनन-फानन में यह आदेश किस आधार पर जारी किया है। मंदिर कमेटी ने हाईकोर्ट में प्रस्तुत नक्शे के अनुरूप मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करने का फैसला विधिवत रूप से लिया है या नहीं ? आखिर मंदिर कमेटी के कुछ पदाधिकारियों के माध्यम से यह किया गया निर्णय जिला प्रशासन की सहमति है या नहीं किसी को पता नहीं। इस निर्माण कार्य के लिए कितनी राशि खर्च होगी और यह बजट किसकी अनुमति से पारित किया है। देवस्थान विभाग के अधिकारियों ने मंदिर निर्माण को लेकर अनुमति दी है या नहीं। जिला प्रशासन ने मंदिर के निर्माण को लेकर क्या निर्णय किया है यह किसी को पता नहीं ?
खाटू श्याम मंदिर आम लोगों के लिए दर्शन बंद कर दिया गया है लेकिन क्या वीआईपी दर्शन जारी रहेंगे या नहीं ? खाटू श्याम मंदिर के अध्यक्ष शंभू सिंह वर्तमान में कैंसर रोग से पीड़ित हैं वे सक्रिय रूप से मंदिर कामकाज में भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं । ऐसे में मंदिर का निर्माण के जल्दबाजी किसके कहने पर की जा रही है। यह मुद्दा जांच का बनता है। लगभग 10 साल पहले मंदिर निर्माण को लेकर हाईकोर्ट में सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए गए थे लेकिन मंदिर के पदाधिकारियों और कुछ स्वार्थी तत्वों ने जिसमें पवन पुजारी ने विशेष रूप से मंदिर के निर्माण में विभिन्न प्रकार की बाधाओं को खड़ा किया था । इसके बावजूद मंदिर कमेटी ने बिना लिखित समझौते के करोड़ों रुपए की राशि उन्हें दे दी गई। उस समय खाटू श्याम भक्त वेलफेयर सोसाइटी में सक्रिय भूमिका निभाई थी। यह काम खाटू श्याम मंदिर कमेटी को पसंद नहीं आया और इसका विरोध किया गया । इसके बावजूद मंदिर निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए गए। उसी का परिणाम रहा कि हाईकोर्ट ने इस कार्य में काफी सक्रियता दिखाई गई थी।
जस्टिस महेश शर्मा खाटूश्याम कस्बे के अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए थे। मंदिर निर्माण को लेकर भी उन्होंने विशेष दिशा निर्देश जारी किए थे लेकिन उनके अनुपालन अभी तक नहीं हो पाई है। मंदिर का निर्माण जल्दबाजी में नहीं होना चाहिए बल्कि तकनीकी रूप से बड़े हॉल का निर्माण कार्य कराए जाने पर जिला प्रशासन और सरकार को विशेष निगरानी करने की जरूरत है। मंदिर कमेटी अपने स्तर पर निर्माण कराएगी तो निश्चित तौर पर इसमें भ्रष्टाचार होने की अधिक संभावना बनी रहेगी। ऐसे में निर्माण कार्य में सरकार द्वारा पूर्व में बनाई गई निर्माण कमेटी को वापस से बनाया जाना चाहिए।
तत्कालीन देवस्थान मंत्री बृजकिशोर शर्मा ने शासन सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव आशा सिंह की अध्यक्षता में निर्माण कमेटी का गठन किया गया था। लेकिन मंदिर कमेटी ने अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए उस निर्माण कमेटी को बिना किसी कारण के ही निरस्त करवा दिया। अब निर्माण कार्य किस आधार पर किया जा रहा है और निर्माण कार्य में किन तकनीकी अधिकारियों को शामिल किया गया है यह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में मंदिर निर्माण के लिए आम भक्तों को दर्शन नहीं होने देने का फैसला उचित नहीं कहा जा सकता है।
कहने को तो 10 नवंबर को खाटूश्याम मंदिर और कस्बे में व्यवस्थाओं का विस्तार करने के लिए जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव और एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने मंदिर कमेटी और अधिकारियों की बैठक ली थी। इस बैठक में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शंभू सिंह और सचिव मौजूद नहीं थे इसके बावजूद जिला प्रशासन ने आनन-फानन में मंदिर कमेटी के एक सदस्य प्रताप सिंह के प्रस्ताव को मान कर निर्माण कार्य शुरू कराने के मौखिक आदेश दे दिए। जिला प्रशासन के मौखिक आदेश के बाद खाटू खाटू श्याम मंदिर कमेटी ने भी निर्णय कर लिया की निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
फागुन मेले के दौरान लकी फागुन मेले गत आठ अगस्त को के दौरान भगदड़ में तीन महिलाओं की मौत हुई थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर संभागीय आयुक्त विकास भाले ने जांच की। इस जांच रिपोर्ट में क्या कुछ तथ्य सामने आए यह किसी को पता नहीं लगा। जांच के बाद सभी दोषी अधिकारियों को हल करने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। थानाधिकारी रिया चौधरी को तो फिर से खाटू श्याम कस्बे के थाने में फिर से तैनात कर दिया गया है। आखिर संभागीय आयुक्त की जांच में क्या कुछ तथ्य सामने आए और उसी आधार पर जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव और एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने समीक्षा बैठक का कोई निर्णय किया है क्या ?
खाटू श्याम मंदिर कमेटी ने फिलहाल यह कहते हुए मंदिर बंद करने का निर्णय किया है कि आगामी दिनों में मुख्य मंदिर में भक्तों के प्रवेश और निकासी व्यवस्था को बढ़ाया जाएगा। 75 फीट मेला ग्राउंड में श्रद्धालुओं की लाइन बढ़ाई जाएगी और 75 फीट मेला ग्राउंड के बचे हुए हिस्से को शेड से कवर किया जाएगा।
खाटू श्याम मंदिर कमेटी का कहना है कि लखदातार मैदान में सीसी कवर्ड, टीन शेड और स्थायी जिगजैग बनाया जाएगा और लखदातार मैदान के एंट्री गेट और एग्जिट गेट पर निशान रखने के लिए व्यवस्था की जाएगी। लखदातार मैदान के बाहर एग्जिट गेट पर बड़ा गेट लगाया जाएगा फतेहाबाद धर्मशाला के सामने रास्ते पर कमेटी सीसी सड़क बनवाएगीऔर कृष्णा सर्किट योजना में बने रेस्ट रूम, टॉयलेट और आवास शुरू होंगे।