


सोडाला थाना पुलिस ने जयपुर के दो ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जो गर्लफ्रेंड्स को गिफ्ट में देने के लिए आए दिन स्कूटी चुराते थे। अलग-अलग लड़कियों को इन्हें गिफ्ट देने के बाद इन्हें बेचकर महंगे पब और रेस्टोरेंट्स में अय्याशी करते। इनमें से एक चोर कुणाल सिंह उर्फ नोनी के पिता का आतिश मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक्स का शोरूम है। वहीं पकड़ा गया दूसरा चोर अंशुमान सिंह के पिता का फाइनेंस का बिजनेस है।
पुलिस ने बताया कि कुछ दिन पहले झोटवाड़ा में पुलिस ने चोरी की स्कूटी चलाती एक लड़की को पकड़ा था। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। नाबालिग लड़की ने बताया कि उसे स्कूटी कुणाल ने गिफ्ट में दी है। इसके बाद आठ नवंबर को पुलिस ने कुणाल को गिरफ्तार किया। जबकि 11 नवंबर को शिवम की गिरफ्तारी हुई। दोनों को रामनगर में उनके घर से पकड़ा गया। पुलिस ने इन दोनों युवकों के माध्यम से 10 स्कूटी जब्त की हैं। कुणाल ने बताया कि वह पहले भी करीब 10 स्कूटी चोरी कर कई गर्लफ्रेंड को दे चुका है। पुलिस पूछताछ में कुणाल ने बताया कि उसे इस काम में उसी का दोस्त शिवम उर्फ अंशुमान लेकर आया हैं। कुणाल की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद शिवम गायब हो गया था। इस पर पुलिस ने शुक्रवार को उसे रामनगर सोडाला से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि घर से मिलने वाले रुपए से शौक पूरा नहीं हुआ तो शिवम चोरी करने लग गया था। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने मिलकर सोड़ाला, अशोक नगर विधायकपुरी, चित्रकूट और कोतवाली थाना क्षेत्र से दो दर्जन से अधिक स्कूटी चोरी करना कबूल किया है। पुलिस ने पहले कुणाल से तीन स्कूटी फिर शिवम से सात स्कूटी बरामद की हैं। सोडाला थाना सीआई सत्यपाल ने बताया कि कुणाल की दोस्त को जब पुलिस ने पकड़ा तो वह एक बार घबरा गई। उससे पुलिस ने आराम से पूछा तो उसने बताया कि उसके दोस्त ने यह स्कूटी दी है। इस पर पुलिस ने युवती के बताए पते पर जाकर आरोपी को पकड़ा। युवती को पता नहीं था की वह जिस स्कूटी को चला रहा थी वह चोरी की हैं। इस पर पुलिस ने उसके खिलाफ कोई एक्शन भी नहीं लिया। पूछताछ में शिवम ने बताया कि उसने अपने शौक और लग्जरी लाइफ स्टाइल के चलते वाहन चोरी करने का प्लान बनाया। इसके लिए उसने अपने दोस्त कुणाल सिंह उर्फ नोनी को इसमें शामिल किया। पहले जाकर अपनी स्कूटी होंडा एक्टिवा की एक मास्टर चाबी तैयार करवाई। उसके बाद अपने विभिन्न दोस्तों को घूमने फिरने के बहाने कभी कही तो कभी कहीं ले जाते। अपने दोस्तों को बिना बताए दूर खड़ा कर के चाबी से दूसरी एक्टिवा चुराकर ले जाता। स्कूटी रिकवरी की होने का बताते हुए अपना वाहन दोस्तों को देकर भेज देता। बाद में चोरी किए गए वाहन को सुनसान गलियों के खड़ा कर देता। खुद को बड़ा बताने गर्लफ्रेंड को दे देते या फिर वाहन को बेच दिया करते थे। जो पैसा मिलता उस पैसे से दोनों अपने शौक जैसे महंगे कपड़े, मोबाइल, पब जाना पूरा किया करते हैं।