Saturday, 29 August 2026

13 नवंबर को भाजपा प्रदेश कोर कमेटी-कार्यसमिति में फाइनल होगा सरदारशहर उपचुनाव के लिए प्रत्याशी का नाम


13 नवंबर को भाजपा प्रदेश कोर कमेटी-कार्यसमिति में फाइनल होगा सरदारशहर  उपचुनाव  के लिए प्रत्याशी का नाम


झुंझुनूं में 13 नवंबर को होने जा रही भाजपा कोर कमेटी और प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सरदारशहर सीट के लिए  भाजपा के प्रत्याशी का नाम फाइनल हो जाएगा।  भाजपा प्रदेशाध्यक्ष  डॉ.सतीश पूनिया कोर कमेटी सदस्यों के साथ इस पर फाइनल चर्चा करेंगे। उससे पहले पार्टी संगठन स्तर पर चूरू और सरदार शहर क्षेत्र के  भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों, जिला और मंडल स्तर के नेताओं से फीडबैक जुटा रही है। जो प्रत्याशी-जिताऊ और टिकाऊ होगा पार्टी उसी पर दांव लगाएगी।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष  डॉ.सतीश पूनिया ने पत्रकारों से बातचीत  करते हुए कहा किअब तक करीब 15 लोगों ने सरदारशहर सीट से विधानसभा उपचुनाव लड़ने के लिए  भाजपा को दावेदारी जताई है। उन नामों पर फाइनल मंथन 13 नवंबर को झुंझुनूं में प्रदेश कार्यसमिति में होगा। कोर कमेटी से भी चर्चा के बाद ही नाम तय होगा। प्रदेश में पिछले उपचुनावों में  भाजपाकी हार का एक कारण सहानुभूति था। क्योंकि ज्यादातर जगह विधायक कोरोना के कारण दिवंगत हुए और उस जगह चुनाव हुए। एक जगह हमने परिवार में टिकट नहीं दिया इस वजह से हम हारे। लेकिन राजसमंद मैं  स्वर्गीय  विधायक किरण महेश्वरी की पुत्री दीप्ति माहेश्वरी के कारण भाजपा जीती थी। सामान्य तौर पर कोरोना के कारण सहानुभूति के कारण कांग्रेस के पक्ष में परिणाम गया था। कांग्रेस की परफॉर्मेंस पर परिणाम नहीं गया था। कांग्रेस अगर सहानुभूति को अपना जनाधार मानती हो, तो यह उनकी गलतफहमी है। मुझे लगता है कि सरदारशहर के चुनाव में जो स्थितियां बनी हैं। अभी चर्चा बेशक कांग्रेस की हो रही होगी लेकिन भाजपा वहां किसी तरह कमजोर नहीं है।

 भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ.पूनिया  ने कहा किलोकसभा के दोनों चुनाव में वहां हमने बढ़त ली है। पंचायतीराज चुनाव में भाजपा जीती है है। जिला परिषद की सारी सीटें  भाजपा  की हैं। जब वोटिंग परसेंटेज पर जाते हैं, तो बहुत कम डिफरेंस है। पिछला विधानसभा चुनाव भी वहां स्थानीय समीकरण के वोटों के डिविजन के कारण हम हारे थे। सरदारशहर में हम 70 हजार से ज्यादा वोट हमेशा लेते रहे हैं। बहुत ज्यादा बड़ा अंतर नहीं है। उस अंतर को पाटने की हम कोशिश करेंगे। कांग्रेस जिस तरह प्रचार कर रही है, वह खुशफहमी में है। हम चाहते हैं कि वो खुशफहमी में रहे। लेकिन चुनाव का रिजल्ट उनकी उस खुशफहमी को दूर कर देगा। सहानुभूति बहुत लम्बे समय तक चलती नहीं है। हमेशा सहानुभूति का फैक्टर काम नहीं करता है। क्या वहां के किसानों का कर्जा माफ हो गया ? क्या वहां के बेरोजगारों को रोजगार का आश्वासन पूरा हो गया ? क्या वहां अपराध नहीं होते हैं ? ये जो सारे कारण हैं वो सरकार के खिलाफ हैं। हम सरदारशहर चुनाव में प्रभावी रूप से कांग्रेस के सामने होंगे।



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