


राजस्थान के समस्त मंत्रालय कर्मचारी संघ के घटक दल और संघर्ष समिति के बैनर तले शुक्रवार को शहीद स्मारक पर कर्मचारियों की 9 सूत्री मांग को लेकर प्रदेशभर से सभी मंत्रालय 15 हजारों से अधिक कर्मचारियों ने पहुंचकर विशाल धरना और प्रदर्शन किया।
अजमेर से शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर से प्रातः 8:00 भारी संख्या में अपने-अपने निजी वाहनों से और जिले से बसों के माध्यम से राजस्थान राज्य मंत्रालय कर्मचारी संघर्ष समिति के आह्वान पर जयपुर में शहीद स्मारक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के लिए रवाना होकर पहुंचे।
9 सूत्री मांग पत्र सरकार को सौंपा गया। इस धरना प्रदर्शन के कार्यक्रम में राजस्थान के 34 जिलों से मंत्रालय कर्मचारी संघ के लोग और समस्त जो मंत्रालय कर्मचारी वर्ग के जो बाबू लोग हैं और जो उनके संगठनों से जो भी संबंध रखते हैं लोग शहीद स्मारक पर कृतित्व और उन्होंने अपनी 9 सूत्री मांग पत्रको लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की ।
अजमेर से भी पूरे जिले से 1000 से अधिक कर्मचारी लोग वहां निजी वाहनों से बसों के माध्यम से और भी अपने जो भी साधन थे उन के माध्यम से वहां पहुंचे और उन्होंने इस रैली और धरना प्रदर्शन में भाग लिया। अजमेर से जलदाय विभाग के आकाश मारोठिया और नितिन चतुर्वेदी और कांति कुमार शर्मा एकीकृत महासंघ के जिला अध्यक्ष इन तीनों नेताओं के नेतृत्व में कर्मचारियों की 9 सूत्री मांग पत्र लेकर जयपुर में प्रदर्शन किया।
9 सूत्री मांग पत्र में पहली मांग: मंत्रालयिक कर्मचारी सचिवालय के समान वेतनमान तथा कनिष्ठ सहायक को आरंभिक वेतन 25 हजार 500 दिया जाए।दूसरी मांग: चयनित वेतनमान 9/18/27/वर्ष के स्थान पर 8/16/24/32/वर्षीय वेतनमान सेवा पर दिया जाकर पदोन्नति पद के वेतन का लाभ दिया जाए।
तीसरी मांग: अधीनस्थ मंत्रालयिक संवर्ग को सचिवालय के समान वेतनमान पदोन्नति के अवसर और नवीन पद निदेशक प्रशासन का सुजीत किया जाए।
चौथी मांग: राजस्व मंडल का विघटन कहीं नहीं किया जाए तथा प्रशासनिक सुधार के नाम पर विभिन्न विभागों को समाप्त करने तथा मंत्रालय कर्मचारियों को अधिशेष करने की कार्रवाई बंद की जाए।पांचवी मांग: पदोन्नति के नव क्रमोन्नत पद को पूर्ण रूप से भरने के लिए अनुभव में 1 वर्षीय शिथिलता एवं 1 वर्ष की छूट प्रदान की जाए। छठी मांग: राज्य सरकार डीसी सामंत कमेटी की रिपोर्ट को शीघ्र सार्वजनिक करें जो विगत 5 साल से पेंडिंग पड़ी है
सातवीं मांग: राज्य सरकार खेमराज कमेटी की रिपोर्ट को तत्काल सार्वजनिक करें जो राज्य सरकार के ठंडे बस्ते के अंदर बंद पड़ी है उसके निर्णय को तुरंत सार्वजनिक किया जाए
आठवीं मांग: वरिष्ठ सहायक के समाप्त किए गए पदों के अनुपात में पदोन्नति के पद पर मनोनीत किए जाएं ताकि कनिष्ठ सहायक के पदोन्नति के अवसरों में कमी नहीं हो और नवी मांग: पंचायत राज संस्थानों में कनिष्ठ सहायक के 10000 पद पुणे बहाल किए जाएं और अन्य विभागों के समान राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए तथा पदोन्नति के पद सृजित किए जाएं मंत्रालय कर्मचारियों की इसमें भागीदारी हो।
इसके अलावा कर्मचारियों ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के मंत्रालय कर्मचारियों को राज्य सरकार का दर्जा दिया जाकर राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम को राज्य सरकार के अंदर समायोजित करके इनको राज्य सरकार के कर्मचारी घोषित किए जाएं निगम और बोर्ड को समाप्त किया जाए।
शहीदी स्मारक जयपुर के इस धरना प्रदर्शन में भारी तादाद में राजस्थान के राज्य कर्मचारी मंत्रालय कर्मचारी एक ऋतु है और सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों और धर्मेंद्र सिंह राठौड़ चेयरमैन पर्यटन निगम को मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में धरना स्थल पर भेजा गया और मांग पत्र उनके द्वारा राज्य सरकार को दिया गया यह सूचना राज्य सरकार ने खुद भिजवाई और अपना प्रतिनिधि धरना स्थल पर भिजवाया
अजमेर मंत्रालय कर्मचारी संघर्ष समिति के लोगों ने भाग लिया जिसमें प्रमुख श्रीकांत कुमार शर्मा,आकाश मारोठिया, नितिन चतुर्वेदी ,अनिल मिश्रा, वासुदेव पारीक,गजेंद्र सिंह राठौड़ प्रकाश ग्रोवर,रमजान खान,ओम प्रकाश, दिग्विजय नाथ शर्मा, कैलाश चंद्र मेहरा, अनिल मिश्रा, राजस्व मंडल के अरविंद शर्मा, सहीद अहमद हरीश कुमार,मनोज,सत्य प्रकाश भारी संख्या में कर्मचारी शामिल थे।