


जिले के सोहेला में दो दिन से किसानों को यूरिया खाद नहीं मिलने से किसानों ने आक्रोशित होकर शुक्रवार को सोहेला-डिग्गी स्टेट हाइवे पर जाम लगा दिया। महिलाएं कतारबद्ध होकर सोहेला-डिग्गी मार्ग पर बैठकर खाद की मांग को लेकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
जाम की इतला के बाद बरौनी थानाधिकारी हरिराम वर्मा मय जाप्ते के पहुंचे तथा किसानों से समझाईश शुरु की। करीब 20 मिनट के बाद किसानों ने जाम हटा दिया। पुलिस की मौजूदगी में ग्राम सेवा सहकारी समिति के यहां लाईन लगवाई गई तथा खाद का वितरण शुरु कराया गया।
सोहेला में ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वारा किसानों को टोकन दिए जाने के बाद समिति व्यवस्थापक ने पॉश मशीन खराब होने की बात कहते हुए लगातार दो दिन तक सुबह से शाम तक समिति के बाहर इंतजार करने के बाद भी खाद नहीं दिया।जिससे शुक्रवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।
पूर्व सीआर रफीक मंसूरी, लड्डूलाल बैरवा, सुखपाल कीर, मोहनलाल गुर्जर, राजू बैरवा, रतनलाल चौधरी, उगन्ता चौधरी आदि ने खाद मिलने में अव्यवस्थाओं सहित कालाबाजारी के आरोप लगाए। दो दिनों से लाइन में लगने के बाद खाद नहीं मिलने से किसानों को परेशानी हो रही है। सिंचाई के समय किसानों को खेतों में होना चाहिए लेकिन सब काम छोड़कर किसानें को खाद के लिए लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा हैं। किसानों के साथ बुजुर्ग महिलाएं, पढ़ाई करने वाले किसानों के बच्चे खाद के लिए खड़े रहे, लेकिन खाद होने के बाद अव्यवस्थाओं के कारण नहीं मिल रहा था।
जीएसएस अध्यक्ष प्रहलाद जाट ने कहा कि दो महीने से खाद नहीं आ रहा था, जिससे परेशानी आ रही थी। वहीं अब खाद आया तो मशीन खराब हो गई थी। व्यवस्थापक ने कहा कि मशीन का सर्वर डाउन था, मशीन के बिना हम दे नहीं सकते हैं। कृषि विभाग को अवगत करवाया तो उन्होंने भी मना कर दिया।
कार्यवाहक उपखण्ड अधिकारी नेहा चौधरी का कहना है कि
पॉश मशीन में सर्वर की दिक्कत आने से खाद वितरण में समस्या आ रही थी। इंटरनेट के मामले में कोई कुछ नहीं कर सकता। मशीन सही होने पर वितरण शुरु करवा दिया गया था। वहीं खाद की किल्लत केवल पीपलू नहीं बल्कि पूरे जिले ही नहीं प्रदेश स्तर की समस्या है।