


पाली नगर परिषद में भाजपा की सभापति रेखा उसके पति राकेश भाटी द्वारा ठेकेदार से कमीशन मांगनेका मामला सामने आया है। हनुमान सिंह राजपुरोहित ठेकेदार को 2 करोड़ रुपए का भुगतान करने के लिए कमीशन मांगा जा रहा था और परेशान ठेकेदार ने 4 नवंबर को सुसाइड कर लिया था। सुसाइड नोट में उसने सभापति पर भी कमीशन मांगने का आरोप लगाया। इन आरोपों के बाद भाजपा ने सभापति और उसके पति को भाजपा से निकाल दिया है।
वहीं दूसरी और भाजपा की कार्रवाई के बाद अब सभापति रेखा अपने पति राकेश भाटी के सामने फेसबुक लाइव आकर पति-पत्नी कैमरे पर फूट-फूटकर रोए और भाजपा विधायक विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व चेयरमैन महेंद्र बोहरा, पार्षद नरेश मेहता सहित कई लोगों पर उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया।
आखिर सवाल उठता है कि ठेकेदार द्वारा किए गए निर्माण कार्य के लिए बिल जारी करने के लिए एक कमेटी गठित की गई, जिसमें सभापति, आयुक्त, सचिव, एकाउंटेंट आदि शामिल होते हैं। एक ठेकेदार ने बताया कि आयुक्त के जरिए पेमेंट पास करवाने पर सभापति द्वारा 10 प्रतिशत, आयुक्त द्वारा 10 प्रतिशत, निर्माण शाखा में 7-8 प्रतिशत, कमेटी में 5-6 प्रतिशत, लेखा शाखा 4-5 प्रतिशत कमीशन लिया जाता है।
ठेकेदारों ने बताया कि बिल को पास कराने के लिए 2 तरीके अपनाए जाते हैं : पहला तरीकाआयुक्त के जरिए पेमेंट पास करवाने पर आयुक्त को 10 प्रतिशत और सभापति को 2 प्रतिशत कमीशन देना होता था। दूसरा तरीका होता होता है कि ठेकेदार सभापति के जरिए बिल पास करवाता था तो उसे सभापति को 10 प्रतिशत और आयुक्त को 2 प्रतिशत कमीशन देना होता था। 2 दलाल यह कमीशन राशि एकत्रित करते हैं।
पाली नगर परिषद में वर्तमान में 80 ठेकेदार है। कमीशन नहीं देने के कारण कई ठेकेदारों के भुगतान नहीं हुए हैं। 2 करोड़ का भुगतान नहीं होने के कारण ठेकेदार हनुमान सिंह राजपुरोहित ने 4 नवंबर को सुसाइड कर लिया था। इसी तरह ठेकेदार गोविंद सेन की मौत के 10 महीने बाद भी उसके परिवार को 1.5 करोड़ बकाया का भुगतान नहीं हुआ। ठेकेदार पंकज ने 10 प्रतिशत कमीशन का आरोप लगाते हुए सुसाइड की चेतावनी दी है। इनके भी 2 करोड़ रुपए 1 साल से अटके हुए हैं।