Saturday, 29 August 2026

पीएम मोदी और अमित शाह ने गुजरात चुनाव जीतने के लिए 85 लोगों के कांटे टिकट, कांग्रेस और अन्य दलों से आए नेताओं को दिया टिकट


पीएम मोदी और अमित शाह ने गुजरात चुनाव जीतने के लिए 85 लोगों के कांटे टिकट, कांग्रेस और अन्य दलों से आए नेताओं को दिया टिकट

गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए दो फेज में एक और पांच दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 18 फरवरी 2023 को खत्म हो रहा है। 1 दिसंबर को 89 सीटों पर और 5 दिसंबर को 93 सीटों पर  मतदान होगा और परिणाम 8 दिसंबर को आएंगे। 

मोरबी माणिया विस क्षेत्र में ही केबल ब्रिज त्रासदी हुई। यह सीट भाजपा का गढ़ रही है। राजनीतिक दलों को डर है कि वोट मांगते समय लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ेगी।

भाजपा के मुख्य रणनीतिकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जिस तरह गुजरात में पूरी सरकार बदल डाली थी, वैसे ही टिकटों के बँटवारे में भी भाजपा ने ज़्यादातर पुरानों को बदल डाला है। पिछली बार चुनाव लड़े 182 में से इस बार 85 के टिकट काट दिए गए हैं। बड़े नेताओं, ज़्यादातर पूर्व और कुछ वर्तमान मंत्रियों की बजाय पटवारियों, छोटे कार्यकर्ताओं और महिलाओं पर भाजपा ने ज़्यादा भरोसा जताया है। वर्षों बाद पाटीदार आंदोलन के अग्रज रहे हार्दिक पटेल उनके अपने इलाक़े विरमगाम से  टिकट दिया है।

160 प्रत्याशियों में से सबसे ज्यादा 49 टिकट ओबीसी समुदाय के प्रत्याशियों को दिए गए हैं। इसके बाद पाटीदार समुदाय का दबदबा काम आया है। इस समुदाय के 40 प्रत्याशी मैदान में होंगे। इनके अतिरिक्त 24 प्रत्याशी एसटी, 19 क्षत्रिय, 13 एससी, 13 ब्राह्मण और 2 जैन समुदाय से हैं। 35 प्रत्याशियों की उम्र 50 वर्ष से कम है। पहली सूची में 14 महिलाओं को भी टिकट दिए गए हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी ने हर बार की तरह पाटीदारों को इस बार 39 पाटीदार नेताओं को भाजपा ने टिकट दिया है। अब तक घोषित हुए 160 टिकटों में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का नाम भी नहीं है। उनका टिकट भी काटा है।  जबकि इस बार कांग्रेस और दूसरी पार्टियों से आए 20 से ज़्यादा नेताओं को भाजपा  ने टिकट दिया है।

गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने गुरुवार को पहली लिस्ट जारी की। 180 विधानसभा सीटों में से अभी 160 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल घाटलोढ़िया से चुनाव  लड़ाया जाएगा। यहां उनके खिलाफ कांग्रेस की एमी यागनिक हैं।

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की जगह डॉ. दर्शिता शाह राजकोट पश्चिम से चुनाव लड़ेगीं। वहीं पार्टी ने 5 मंत्रियों के टिकट काट दिए है। इनमें राजेंद्र त्रिवेदी और प्रदीप परमार जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं।

मोरबी में भाजपा ने मौजूदा विधायक बृजेश का टिकट  कांटा है। उनकी जगह पूर्व विधायक कांतिलाल अमृतिया को टिकट दिया है। मोरबी पुल हादसे के वक्त कांतिलाल लोगों की जान बचाने के लिए मच्छू नदी में कूदे थे। उन्होंने शीघ्र रेस्क्यू के लिए वीडियो भी पोस्ट किया था। रवींद्र जडेजा की पत्नी रीवाबा को जामनगर उत्तर से टिकट दिया है।

कांग्रेस से आने वाले नेताप्रद्युमन सिंह जडेजा (अबडासा), कुवरजी बावड़ियां (जसदन), जवाहर चावडा (मानावदर), हर्षद रिबडीया (विसावदर), भगा बारड ( तालाला), अश्विन कोटवाल (खेडब्रह्मा), जीतू चौधरी (कपराडा) को भाजपा ने टिकट दिया है। ये सभी नेता 2017 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। अब भाजपा की ओर से चुनाव लड़ाया जा रहा हैं।

टिकटों के बंटवारे को लेकर दिल्ली में भाजपा केंद्रीय चुनाव कमेटी की बुधवार को करीब 3 घंटे चली बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,   केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृहमंत्रीअमित शाह, जेपी नड्‌डा शामिल हुए थे। इस बैठक  में गुजरात की 182 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा की गई।

इस  बार भाजपा ने 38 विधायकों का टिकट काट दिया है, जबकि 61 विधायक को फिर से चुनाव मैदान में उतारा गया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. निमाबेन आचार्य का भी टिकट कट गया है। राजकोट की चारों सीट पर पार्टी ने नए चेहरे को उम्मीदवार बनाया है।

दिल्ली में  केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक से पहले ही गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी, डिप्टी सीएम  नितिन पटेलपूर्व गृहराज्यमंत्री प्रदीप सिंह जड़ेजा, पूर्व विधि एवं शिक्षा मंत्री भूपेन्द्र सिंह चूडास्मा एवं पूर्व मंत्री, बोटाद से सौरभ पटेल, प्रदेश अध्यक्ष रहे आरसी फलदू ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने  की घोषणा की।  इसके बाद इन सभी नेताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल को पत्र लिखकर चुनाव नहीं लड़ने के फैसले से अवगत कराया गया।

भाजपा और कांग्रेस को प्रत्याशी चयन में कड़ी माथापच्ची करनी पड़ी है। इन दोनों दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जातीय समीकरणों को साधकर चुनाव में जीत  सुनिश्चित करने के लिए जीतने वाले उम्मीदवार को टिकट देने का फैसला करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा से बड़े और छोटे 18 समुदायों ने टिकट मांगा  था। इसी को आधार बनाते हुए भाजपा  ने पाटीदार समुदाय  के 50 लोगों को टिकट देने को कहा। वहीं प्रजापति 10, कोली 72, ठाकोर 8, जैन 10-15, क्षत्रिय 25, अहीर 12, ब्राह्मण 10, इसके अलावा बंजारा, माली, भोई, राणा, खारवा, मेर, वाघेर जैसी अन्य छोटी जातियों ने भी अलग सीटों की मांग मांगे थे।​​​​​​ पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अपने तरीके से जरूरत के मुताबिक टिकट देने का फैसला किया है। जिससे कि इन समाजों की नाराजगी भाजपा के प्रति नहीं रहे और जीत सुनिश्चित हो जाए।

भाजपा ने मोरबी के पूर्व विधायक कांतिलाल अमृतिया को टिकट दिया है। भाजपा ने अपने मौजूदा विधायक बृजेश मेरजा का टिकट काट दिया है। कांतिलाल वहीं शख्स हैं, जिन्होंने मोरबी पुल हादसे के दौरान जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी थी। इन्होंने कई लोगों की जान बचाई थी। 30 अक्टूबर की शाम मोरबी की मच्छू नदी पर बना ब्रिज टूट गया था। इस हादसे में 135 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 177 लोगों को रेस्क्यू किया गया था।

हादसे की रात करीब 9 बजे कांतिलाल ने ही दर्जनों लोगों की मौत का दावा भी किया था। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर हादसे की पूरी जानकारी भी ली थी। हादसे के दूसरे दिन जब पीएम नरेंद्र मोदी मोरबी पहुंचे तो पूर्व विधायक कांतिलाल उनके साथ नजर आए थे। 



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