


जयपुर ग्रेटर नगर निगम के मेयर की वोटिंग के बीच हाईकोर्ट ने स्वायत्त शासन निदेशालय के 23 सितंबर को मेयर सौम्या गुर्जर की बर्खास्तगी के आदेश को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश से सरकार में हड़कंप मच गया है। कोर्ट ने सरकार के पुराने आदेश को शून्य घोषित कर दिया है। फिलहाल कोर्ट ने इस मामले में चुनाव प्रक्रिया रोकने के कोई आदेश नहीं दिए हैं और ना ही यह कहा है कि कि चुनाव परिणाम रोके जाएं।
बर्खास्त मेयर सौम्या गुर्जर की चुनाव पर रोक लगाने की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए एकलपीठ के जस्टिस महेंद्र कुमार गाेयल ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि- पूर्व मेयर के बर्खास्तगी के ऑर्डर को विड्रॉ करके नया ऑर्डर जारी करें और आधे घंटे में इस बारे में कोर्ट को सूचित करें। अन्यथा सौम्या की रिट् को अलाऊ करें।सरकार के महाधिवक्ता इतना ही कहा कि सौम्या गुर्जर को अब नोटिस जारी किए जाएंगे और सुनवाई कर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। फिलहाल चुनाव प्रक्रिया को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कोई नए आदेश जारी नहीं किए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के पास अभी तक हाईकोर्ट के आदेश का कोई प्रति नहीं पहुंची है।
ग्रेटर नगर निगम (शहरी सरकार) के मेयर चुनाव में वोटिंग पूरी हो गई है। जानकारी के अनुसार सभी 146 पार्षदों ने मतदान कर दिया है।
कोर्ट के आदेश मिलने के बाद अब क्या सोमवार गुर्जर मतगणना से पहले ग्रेटर नगर निगम में आकर कार्यभार ग्रहण कर सकती हैं क्या ? मौजूदा स्थिति में कार्यवाहक मेयर सील धाबाई के आदेश भी निरस्त हो गए हैं।