


कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा के निधन के कारण खाली सरदार शहर विधानसभा सीट पर उप चुनाव की अधिसूचना गुरुवार को जारी होने के साथ ही भाजपा और कांग्रेस में टिकट को लेकर सक्रियता बढ़ गई है। यहां 5 दिसंबर को मतदान होगा। प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के पास टिकट मांगने वालों की लंबी सूची है। कांग्रेस एक ओर जहां दिवंगत भंवरलाल शर्मा के बेटे अनिल शर्मा उम्मीदवार बनाने मन बना चुकी हैं। वहीं दूसरी ओर पंडित भंवरलाल शर्मा के छोटे भाई और पंचायत समिति सदस्य श्यामलाल शर्मा ने बुधवार को जयपुर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ.सतीश पूनिया से मुलाकात कर भाजपा से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई।
परिवार में चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच स्वर्गीय भंवरलाल शर्मा के भाई श्यामलाल ने कांग्रेस के वोटों में सेंधमारी करने का प्रयास जरूर होगा। अगर वे भाजपा से चुनाव लड़ते हैं तो निश्चित तौर पर कांग्रेस को नुकसान होने की संभावना भी हो सकती है ? । सबसे पहले साल 2021 में पंचायत समिति के चुनाव में श्यामलाल ने वार्ड-22, जैतसीसर ब्लॉक से कांग्रेस का टिकट मांगा था। इस दौरान तत्कालीन विधायक पंडित भंवरलाल शर्मा ने अपनी पत्नी मनोहरी देवी को कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतारा। इससे नाराज श्यामलाल निर्दलीय मैदान में उतरे और मनोहरी देवी को करीब 626 वोटों से मात दी। सरदारशहर पंचायत समिति में बीडीसी सदस्यों की संख्या कुल 25 है। 2021 में हुए चुनाव में 13 सीटें कांग्रेस, 11 सीटें भाजपा और एक सीट निर्दलीय श्यामलाल ने जीती। इस दौरान प्रधान के चुनाव के लिए कांग्रेस ने पंडित भंवरलाल शर्मा के बेटे केशरीचंद शर्मा को मैदान में उतारा और आंकड़ों के हिसाब से कांग्रेस का प्रधान भी बनना लगभग तय था। ऐसे में भाजपा ने कांग्रेस के टिकट पर बीडीसी सदस्य बनीं निर्मला राजपुरोहित को भाजपा के टिकट पर मैदान में उतार दिया और केशरीचंद शर्मा चुनाव हार गए। श्यामलाल शर्मा ने दावा कि 'मेरा भतीजा अनिल शर्मा कांग्रेस पार्टी से चुनाव मैदान उतरेगा, इसलिए उसकी निश्चित रूप से हार होगी। मैं भाजपा से टिकट इसीलिए मांग रहा हूं क्योंकि अनिल की हार होनी तय है। मैं सरदारशहर में भाजपा का कमल का फूल खिलाऊंगा।'