


ग्रेटर नगर निगम जयपुर के मेयर चुनाव में अब केवल 3 दिन बचे है। हालांकि मेयर पद पर सीधे तौर पर कांग्रेस की हेमा सिंघानिया और और भाजपा की रश्मि सैनी के बीच में टक्कर है। दोनों ही दलों ने अपने-अपने पार्षदों की बड़े मंदी कर कर अपना पक्ष मजबूत करने की कोशिश की है। इस सब के बावजूद भी भाजपा के खेमे से क्रॉस वोटिंग होने की संभावना बरकरार है।
भाजपा के लिए थोड़ी राहत की बात ये है कि उनकी बाड़ेबंदी के कुनबे में 16 और पार्षद जुड़ गए है।विधायकों की कोशिश है कि किसी तरह से उनकी प्रत्याशी मेयर बन जाए। विधायक लगातार अपने-अपने एरिया के पार्षदों से संपर्क कर रहे है साथ ही वे होटल जाकर भी पार्षदों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुन रहे है। वर्ष 2019 में भी ऐसा ही हुआ था, जब मालवीय नगर, विद्याधर नगर और सांगानेर एरिया में सबसे ज्यादा पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग करके अपनी ही पार्टी के मेयर उम्मीदवार को हरवाया था। उस समय भी पार्षद पूरे समय बाड़ेबंदी में ही थे, लेकिन विधायकों के कर्न्वसेंशन में कमी के चलते ये घटनाक्रम हुआ था।
बाड़ेबंदी की कमान संभाल रहे भाजपा विधायक और प्रदेश प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने मैं दावा किया किउनके यहां 93 (भाजपा और निर्दलीय) में से 84 पार्षद होटल पहुंच चुके है, जबकि 9 ही पार्षद ऐसे है, जो बाड़ेबंदी से दूर है। उन्होंने बताया कि इनमें से 3 ऐसे पार्षद है, जिनकी तबियत खराब है। शेष जो 6 पार्षद है वह देर शाम तक हमारे कैंप में शामिल हो जाएंगे।
रामलाल शर्मा ने बताया कि विद्याधर नगर से वार्ड 16 की पार्षद दीपमाला शर्मा, वार्ड 21 से प्रियंका अग्रवाल और सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 68 से हरीश शर्मा की तबियत खराब है। इसलिए उन्होंने सीधे वोटिंग स्थल पर ही पहुंचकर वोट देने के लिए कहा है।
कार्यवाहक मेयर शील धाबाई को पार्टी ने मेयर की दौड़ से बाहर कर दिया हो, लेकिन वे अब भी मेयर के काम-काज को बदस्तूर जारी रखे हुए है। वे आज भी दोपहर बाद नगर निगम ग्रेटर मुख्यालय पहुंची और अपने चैम्बर में बैठकर लोगों की जनसमस्याएं सुनी। कार्यवाहक मेयर शील धाबाई ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उनकी कोई नाराजगी नहीं है क्योंकि वह वर्तमान में मेयर ऐसे में उन्हें नगर निगम जाना ही पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनका संपर्क संगठन से है और वे पार्टी के निर्णय अनुसार यह मत देंगी। चोमू पैलेस में भाजपा के पार्षदों ने सुंदरकांड का पाठ शुरू कर दिया है।