


प्रदेश में विधानसभा चुनाव में 13 महीने का समय बचा है। इससे पहले ही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को चुनाव लड़ाने की तैयारियां शुरू कर दी है। इसी महीने चूरू में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी अग्निपथ योजना, किसान कर्ज माफी सहित कई मुद्दों को लेकर एक जनसभासभा करने की योजना बनाई जा रही है।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो सांसद हनुमान बेनीवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा-कांग्रेस दोनों पर तीखे प्रहार किए और कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी कुर्सी छोड़ना नहीं चाहते। सचिन पायलट मुख्यमंत्री बनना चाह रहे हैं। वहीं बिना दूल्हे वाली भाजपा के करीब 12 नेता मुख्यमंत्री बनने का सपना देखते हैं। उनके सपने भी पूरे नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि इस बार राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी 150 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो बेनीवाल ने कहा कि भाजपा अपने विपक्ष की भूमिका निभा नहीं पा रही है। सदन से लेकर मंत्रियों पर लगे आरोपों पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने ही विपक्ष की भूमिका निभाई है। कांग्रेस - भाजपा एक दूसरे से हाथ मिला लेती है। जिसका उदाहरण प्रताप सिंह खाचरियावास का परिवहन को घोटाला है।
बेनीवाल ने कहा कि जनता को पता है कि 4 साल में विपक्ष की भूमिका किसने निभाई है। जब किसानों के साथ अन्याय हुआ तो सत्ता छोड़कर बेनीवाल ही 70 दिन तक दिल्ली बॉर्डर पर बैठा रहा। जब सेना को ठेके पर देने के लिए अग्निपथ योजना लाई गई। तो जोधपुर में बड़ी रैली की गई। जिसमें 2 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। अब इसी महीने चूरू में अग्निपथ योजना सहित सभी मुद्दों को लेकर बड़ी सभा की जाएगी। जिसमें करीब 3 से 5 लाख युवा और किसान शामिल होंगे।
बेनीवाल ने कहा कि चुनावों के लिए अब मारवाड़ पूरी तरह से तैयार हो चुका है। शेखावाटी भी चुनाव तक तैयार हो जाएगा। इन चुनावों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी एक दल को तीसरे नंबर पर धकेल देगी। और बिना दूल्हे वाली भाजपा जिसमें करीब 12 नेता मुख्यमंत्री बनने का सपना देखते हैं। उनके सपने भी पूरे नहीं होने देंगे। प्रदेश में लोकतंत्र नहीं बचा है। अपराध के मामले में प्रदेश 23वें नंबर से पहले स्थान पर आ चुका है।
उन्होंने कहा कि इस बार राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रदेश में डेढ़ सौ से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यदि कहीं आवश्यकता हुई तो गठबंधन भी करेंगे। लेकिन ऐसे दलों और नेताओं को बिल्कुल भी शामिल नहीं किया जाएगा जो कांग्रेस औरभाजपा में पहले शामिल हुए हो। या फिर कई जगह ऐसा लगे कि लोकल दल को शामिल करने से पार्टी को अच्छा फायदा होगा। तो पार्टी गठबंधन करके वहां चुनाव लड़ेगी।