


सचिन पायलट समर्थक बीएसपी से कांग्रेस में शामिल हुए सैनिक कल्याण राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके समर्थकों के खिलाफ फिर से खुली बयानबाजी शुरू कर दी है। गुढ़ा ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे से प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलने का फैसला करने के लिए से विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की है। यही नहीं सैनिक कल्याण राज्यमंत्री गुढ़ा ने राजनीतिक बगावत के लिए जिम्मेदार संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक और जलदाय मंत्री डॉ.महेश जोशी और आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़के खिलाफ अनुशासन समिति द्वारा जारी नोटिस के बाद अब कार्रवाई की जानी चाहिए। जिससे कि पार्टी के आम कार्यकर्ताओं को यह पता चल सके कि आप अनुशासन से ही पार्टी चलेगी और बगावत करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि एक दो दिन में प्रदेश के सीएम का फैसला कर देंगे। इसके अलावा प्रदेश के सभी मामलों को ने मिटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उलझे हुए मामले को समाप्त कर कांग्रेस के आम कार्यकर्ताओं को यह जताने का प्रयास करना चाहिए कि अब निर्णय तत्काल होंगे। इसका सीधा तौर पर फायदा हिमाचल और गुजरात के चुनाव में पार्टी को मिलेगा ।
सैनिक कल्याण राज्य मंत्री गुढ़ा के बयान के बाद एक बार फिर से प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। हर कोई अब यह सोच रहा है कि क्या अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे निर्णय लेने में सक्षम नहीं है। प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को सुधारने के लिए कोई कठोर निर्णय लेकर नया संदेश देने का काम करना चाहिए।