


बनास नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र बोरदा में अवैध बजरी खनन किए जाने के खिलाफ सोमवार को जिला कलक्टर टोंक के नाम एक ज्ञापन दिया है।जिसमे लिखा है कि रॉयल्टी ठेकेदार को बनास नदी प्रतिबंधित इलाके में नियमो के खिलाफ सिवाय चक एवं खातेदारी की भूमि से बजरी खनन किया जा रहा है जब कि टेंडर शर्तो के मुताबिक लीज क्षेत्र में ही बजरी खनन किया जा सकता है।
ज्ञापन में लिखा है कि बजरी ठेकेदार की तरफ से किए जा रहे बजरी खनन से कई पेड़ गिरने के कगार पर है वही पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए जिला कलक्टर को अवगत कराया है कि कोई भी ट्रक क्षमता से अधिक बजरी लेकर नही जाएगा यदि ऐसा कोई ट्रक पाया गया तो एल ओ आई होल्डर जिम्मेदार होगा साथ ही खनिज विभाग भी एल ओआई होल्डर का तत्काल निलंबित कर देगा।ज्ञापन में लिखा है कि लीज धारक द्धारा ट्रकों में बजरी क्षमता से अधिक भरी जा रही है वहीं रॉयल्टी अंडर लोड की काटी जा रही है। जिससे राज्य सरकार को रोजाना लाखो रुपयों का राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में खान एवं भू विज्ञान टोंक में लीज धारक को टेंडर देते समय प्रतिबंधित क्षेत्र में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए किए गए कार्यो का जिक्र भी किया गया है।जिला कांग्रेस कमेटी टोंक के पूर्व महासचिव शकीलुर्रमान ने मामले की गम्भीरता को भांपते हुए अवैध बजरी खनन को रोकने की मांग की है साथ ही दोषी लीज धारक के खिलाफ सख्त कार्यवाई की मांग की है।