Saturday, 29 August 2026

माच्छू नदी में केबल पुल गिरने से 190 लोगों की मौत,19 अस्पताल में भर्ती, 177 को बचाया, पीएम मोदी ने दी मृतकों को 2-2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता


माच्छू नदी में केबल पुल गिरने से 190 लोगों की मौत,19 अस्पताल में भर्ती, 177 को बचाया, पीएम मोदी ने दी मृतकों को 2-2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता

गुजरात के मोरबी जिले में माच्छू नदी में रविवार शाम केबल पुल गिरने से अब तक 190 लोगों की मौत हो गई। जबकि करीब 177 लोगों को बचा लिया है। 19 लोगों का इलाज चल रहा है। सेना, नौसेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और दमकल विभाग तलाशी अभियान चला रहे हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की पांच टीमें माछू नदी में गिरे लोगों को बचाने के लिए रात भर काम कर रही हैं। हादसा रविवार शाम 6.30 बजे तब हुआ, जब 765 फीट लंबे और महज 4.5 फीट चौड़ा केबल सस्पेंशन पुल टूट गया।

143 साल पुराना यह पुल 6 महीने से बंद था। हाल ही में इसकी मरम्मत की गई थी। 25 अक्टूबर को इसे आम लोगों के लिए खोला गया था। रविवार होने की वजह से भीड़ ज्यादा हो गई। हादसे की यही वजह बताई जा रही है।

जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर (02822243300) जारी किया है। घायलों के इलाज के लिए मोरबी और राजकोट हॉस्पिटल में इमरजेंसी वार्ड बनाया गया है।  एनडीआरएफ अधिकारी ने कहा कि इतनी मौतें पहली बार देखी हैं। नदी के मटमैले पानी में हमें लोगों को ढूंढने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने आशंका जताई कि पुल के नीचे भी शव फंसे हो सकते हैं।

भारतीय सेना के मेजर गौरव ने कहा कि बचाव अभियान अभी भी जारी है। भारतीय सेना रात करीब 3 बजे यहां पहुंची थी। हम शवों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीमें फायर ब्रिगेड को भी बचाव अभियान में लगाया गया है।

गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि मोरबी में बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। मोरबी सस्पेंशन पुल घटना की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। जिसमें सचिव आर एंड बी संदीप वसावा, आईएएस राजकुमार बेनीवाल, आईएएस सुभाष त्रिवेदी, चीफ इंजीनियर क्वालिटी कंट्रोल केएम पटेल और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के एचओडी डॉ. गोपाल टैंक शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मामले का संज्ञान लेने वाले पहले लोगों में से थे और बचाव अभियान के लिए टीमों को तत्काल जुटाने का आदेश दिया। कई शवों को नदी से निकाल लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, घायलों को मोरबी के सिविल अस्पताल ले जाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने मोरबी में दुर्घटना में जान गंवाने वालों में से प्रत्येक के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से ₹ दो-दो लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। वहीं घायलों को ₹ 50 हजार दिए जाएंगे।

मोरबी के भाजपा सांसद मोहन कुंडारिया ने बताया कि ब्रिज टूटने से जहां लोग गिरे, वहां 15 फीट तक पानी था। कुछ लोग तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन कई लोग झूले पर अटके रहे।

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