


प्रदेश में विधानसभा चुनाव के होने वाले चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अभी कोशिश में जुटे हैं कि किसी तरह से सभी जातियों का उन्हें सहयोग मिल जाए। इसी के मध्य उन्होंने कुछ नए बोर्ड का गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। दीपावली पर्व के बाद राजनीतिक नियुक्तियां होंगी, जिसमें अध्यक्ष के साथ-साथ सदस्य भी नियुक्त किए जाएंगे।
सीएम गहलोत ने शनिवार को ज्योतिबा राव फूले बोर्ड, राजस्थान चर्म शिल्प कला विकास बोर्ड, राजस्थान राज्य धोबी कल्याण बोर्ड के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। जिससे कि बोर्डों से संबंधित जातियों के लोगों को बेहतर तौर पर सामाजिक शैक्षणिक और कई तरह के योजनाओं का लाभ मिल सके।
सीएम गहलोत की ओर से ज्योतिबा राव फुले बोर्ड, राजस्थान चर्म शिल्प कला विकास बोर्ड और राजस्थान धोबी कल्याण बोर्ड के गठन के पीछे जो वजह बताई जा रही है वो यह है कि इनसे जुड़ी जातियां खासतौर पर माली, सैनी, कुशवाहा, काछी, चर्मकार और धोबी जातियों का बड़ा वोट बैंक राजस्थान में है। ऐसे में सरकार की ओर से इन बोर्डों का गठन करके इन वर्गों से आने वाले मतदाताओं को साधने की कोशिश की जाएगी है।